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Sonebhadra News: रिहंद के छह और ओबरा के पांच गेट बंद, सिर्फ एक-एक गेट से निकाला जा रहा पानी
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ओबरा डैम का खोला गया एक फाटक से निकलता पानी। स्रोत जागरूक पाठक
- फोटो : सांकेतिक
रेणुकूट/ओबरा। पिपरी स्थित रिहंद बांध में जलस्तर में कमी आने के बाद पानी की निकासी को नियंत्रित किया गया है। शुक्रवार को दोपहर तक बांध के छह गेट बंद कर दिए गए थे। अब सिर्फ एक गेट खुला रखा गया है। बांध का जलस्तर वर्तमान में 871.5 फीट दर्ज किया गया है। वहीं रिहंद से पानी कम आने के बाद ओबरा बांध के भी पांच गेट बंद किए गए हैं। पिछले पांच दिनों से लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण रिहंद बांध के 7 गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही थी। अधिकतम जलस्तर के करीब पहुंचने के बाद एक-एक कर गेट खोले गए थे। इस दौरान बांध से बड़ी मात्रा में पानी सोन नदी की ओर छोड़ा गया। पानी की निकासी बढ़ने से सोन नदी का जलस्तर भी बढ़ा था। अब जलस्तर में गिरावट और पानी की आवक नियंत्रित होने के बाद बांध प्रबंधन की ओर से गेटों को बंद करने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है।
बृहस्पतिवार की रात से शुक्रवार की सुबह तक चार गेट बंद किए गए थे। दोपहर में फिर दो गेट बंद किए जाने के बाद केवल एक गेट से ही पानी निकाला जा रहा है। बांध की टरबाइनों से भी विद्युत उत्पादन जारी है। उधर, रिहंद से पानी की आवक में कमी के कारण शुक्रवार को ओबरा बांध के भी पांच गेट बंद कर दिए गए। वर्तमान में ओबरा बांध का एक फाटक खुला हुआ है, जिससे 15500 क्यूसेक पानी रेणुका नदी में प्रवाहित हो रहा है। ओबरा जल विद्युत की तीनों टरबाइनों से हो रहे बिजली उत्पादन से भी 16200 क्यूसेक पानी निकल रहा है। ओबरा बांध प्रखंड के अधिशासी अभियंता रूपेश कुमार खरे ने बताया कि पानी की आवक कम होने के कारण खुले फाटकों की संख्या भी घटाई गई है। स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
एक मीटर नीचे आया सोन नदी का जलस्तर
चोपन। सोन नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। बाणसागर से पानी आने के बाद बृहस्पतिवार देर रात तक खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी का जलस्तर शुक्रवार को एक मीटर नीचे आ गया। शाम 4 बजे चोपन घाट पर जलस्तर 170.5 मीटर दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को यह खतरे के निशान (171 मीटर) से 44 सेमी ऊपर बह रही थी। स्थिति पर प्रशासन लगातार निगाह बनाए हुए है। तटवर्ती इलाकों में टीमें लोगों को सतर्क कर रही हैं।
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बृहस्पतिवार की रात से शुक्रवार की सुबह तक चार गेट बंद किए गए थे। दोपहर में फिर दो गेट बंद किए जाने के बाद केवल एक गेट से ही पानी निकाला जा रहा है। बांध की टरबाइनों से भी विद्युत उत्पादन जारी है। उधर, रिहंद से पानी की आवक में कमी के कारण शुक्रवार को ओबरा बांध के भी पांच गेट बंद कर दिए गए। वर्तमान में ओबरा बांध का एक फाटक खुला हुआ है, जिससे 15500 क्यूसेक पानी रेणुका नदी में प्रवाहित हो रहा है। ओबरा जल विद्युत की तीनों टरबाइनों से हो रहे बिजली उत्पादन से भी 16200 क्यूसेक पानी निकल रहा है। ओबरा बांध प्रखंड के अधिशासी अभियंता रूपेश कुमार खरे ने बताया कि पानी की आवक कम होने के कारण खुले फाटकों की संख्या भी घटाई गई है। स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
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एक मीटर नीचे आया सोन नदी का जलस्तर
चोपन। सोन नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। बाणसागर से पानी आने के बाद बृहस्पतिवार देर रात तक खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी का जलस्तर शुक्रवार को एक मीटर नीचे आ गया। शाम 4 बजे चोपन घाट पर जलस्तर 170.5 मीटर दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को यह खतरे के निशान (171 मीटर) से 44 सेमी ऊपर बह रही थी। स्थिति पर प्रशासन लगातार निगाह बनाए हुए है। तटवर्ती इलाकों में टीमें लोगों को सतर्क कर रही हैं।
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