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सांप्रदायिकता, महिला हिंसा पर लगे अंकुश
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Sun, 08 Mar 2015 11:14 PM IST
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अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के बैनर तले रविवार को विश्व महिला दिवस के अवसर पर लाल टावर स्थित मैदान में महिलाओं ने हक के लिए हुंकार भरी।
सांप्रदायिकता और महिला हिंसा पर प्रभावी अंकुश की मांग करते हुए कहा कि महिलाओं का जीवन स्तर सुधारने के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारें संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर ठोस पहल करें।
दुलारी देवी, इस्लाम बाबू ने कहा कि कड़े कानूनी प्रावधान के बाद भी महिलाओं का उत्पीड़न रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कहीं सांप्रदायिकता के नाम पर तो कहीं दहेज प्रथा और पितृसत्तात्मक समाज के नाम पर उनके अधिकारों की बलि
चढ़ाई जा रही है। शिवकुमारी, जगमती देवी ने कहा कि घर से लेकर सड़क तक कहीं भी महिलाएं सुरक्षित नहीं रह गई हैं। अमीना बेगम, सावित्री देवी ने कहा कि बदायूं में दो बहनों की हत्या किए जाने का मामला हो या फिर लखीमपुर
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खीरी में दलित बच्ची का पेड़ से लटकते मिले शव का मामला है, सभी में नारी हिंसा की स्थिति सामने आई है। रेखा फूलकली ने कहा कि हक के लिए महिलाओं को संघर्ष करना होगा। तभी कामयाबी पाई जा सकेगी। इस मौके पर कंचन सिंह, यशोदा देवी, सुंदरी देवी, लखपतिया, ममता देवी आदि मौजूद रहीं।
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सांप्रदायिकता और महिला हिंसा पर प्रभावी अंकुश की मांग करते हुए कहा कि महिलाओं का जीवन स्तर सुधारने के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारें संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर ठोस पहल करें।
दुलारी देवी, इस्लाम बाबू ने कहा कि कड़े कानूनी प्रावधान के बाद भी महिलाओं का उत्पीड़न रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कहीं सांप्रदायिकता के नाम पर तो कहीं दहेज प्रथा और पितृसत्तात्मक समाज के नाम पर उनके अधिकारों की बलि
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चढ़ाई जा रही है। शिवकुमारी, जगमती देवी ने कहा कि घर से लेकर सड़क तक कहीं भी महिलाएं सुरक्षित नहीं रह गई हैं। अमीना बेगम, सावित्री देवी ने कहा कि बदायूं में दो बहनों की हत्या किए जाने का मामला हो या फिर लखीमपुर
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खीरी में दलित बच्ची का पेड़ से लटकते मिले शव का मामला है, सभी में नारी हिंसा की स्थिति सामने आई है। रेखा फूलकली ने कहा कि हक के लिए महिलाओं को संघर्ष करना होगा। तभी कामयाबी पाई जा सकेगी। इस मौके पर कंचन सिंह, यशोदा देवी, सुंदरी देवी, लखपतिया, ममता देवी आदि मौजूद रहीं।