सोनभद्र। आम आदमी की थाली से प्याज का स्वाद दूर होता जा रहा है। प्याज की बढ़ती कीमतों से उसके खरीददार कम हो गए हैं। वर्तमान में 50 रुपये किलो खुले बाजार में प्याज बिक रहा है। माना जा रहा है कि प्याज की जमाखोरी के नाते उसकी कीमतों में उछाल है। सरकार ने इस पर अंकुश लगाने का निर्णय लिया है। यूपी सरकार ने प्याज की बढ़ती कीमतों को गंभीरता से लेते हुए उसके स्टॉक पर लिमिट लगाने का निर्देश दिया है। उधर जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने बताया कि प्याज की स्टॉक की जांच के लिए सभी तहसीलों के एसडीएम को निर्देश दिया गया है। उनसे जांच कर कार्रवाई के लिए कहा गया है।
ग्राहकों के लिए अब तक आलू ही महंगा साबित हो रहा था लेकिन अब प्याज भी आम ग्राहकों से दूर होता जा रहा है। वर्तमान में प्याज की कीमत 50 रुपये प्रति किग्रा, 240 रुपये पसेरी और करीब 4800 रुपये क्विंटल है। आलू और प्याज दोनों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से आम लोग परेशान हैं तो छोटे दुकानदार भी कम परेशान नहीं हैं। ग्राहकों का कहना है कि प्याज की कीमत ज्यादा होने से थाली से प्याज लगभग गायब सी हो रही है। उधर सब्जी दुकानदार रामाश्रय, विक्की सोनकर, चंद्रप्रकाश मद्देशिया ने बताया कि प्याज 50 रुपये किलो, पसेरी में 240 रुपये, कुंतल में 4800 रुपये कुंतल बिक रहा है। अभी जिस तरह से प्याज बाजार में आ रहा ै, उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उसकी कीमत आगे दो चार दिनों में कम नहीं होने वाली। उन्होंने बताया कि प्याज की बिक्री बहुत कम पहो गई है। मंडी में प्याज बहुत आ रही है पर रेट कम नहीं हो रहा। इससे ग्राहक नहीं चढ़ रहे हैं। उधर शासन ने प्याज का स्टॉक निर्धारित कर दिया है। 31 दिसंबर तक थोक विक्रेताओं को 25 मीट्रिक टन व फुटकर व्यापारियों को दो मीट्रिक टन तक ही प्याज स्टॉक की सीमा निर्धारित की गई है। शासन के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने दुकानदारों के स्टॉक के जांच के लिए टीम गठित करने का निर्देश दिया है। डीएम एस. राजलिंगम ने बताया कि राबर्ट्सगंज, घोरावल, ओबरा और दुद्धी चारो तहसीलों के एसडीएम को निर्देश दिया गया है कि वे मंडी में जाकर स्टॉक की जांच करें और निर्धारित से ज्यादा स्टॉक रखने वालों पर त्वरित उचित कार्रवाई करें।