बालिका वधू बनने से बचाया: 15 साल की दुल्हन से शादी करने पहुंचा 35 साल का दूल्हा, मंडप में धमकी पुलिस
सोनभद्र जिले में प्रशासन की चुस्ती से एक बार फिर से एक नाबालिग बच्ची बालिका वधू बनने से बच गई। हालांकि दूल्हा और बराती मंडप से भाग निकलने में सफल रहे।
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यूपी के सोनभद्र जिले के पेढ़ गांव में पुलिस और बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त टीम ने एक नाबालिग को बालिका वधू बनने से बचा लिया। छानबीन में पता चला कि पैसे के लालच में नाबालिग की शादी की जा रही थी। टीम ने मौके से 1.09 लाख रुपये भी बरामद किया। मामले में संलिप्त तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया।
कोतवाली निरीक्षक अंजनी कुमार राय ने बताया कि गुरुवार को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम पेढ़ में 15 वर्षीय किशोरी की शादी चल रही है। किशोरी की शादी मध्य प्रदेश के छतरपुर महराजपुर से आए 35 वर्षीय दूल्हे के साथ हो रहा था। टीम जब मौके पर पहुंची तो जयमाल की रस्म हो चुकी थी।
ये तीन लोग हुए गिरफ्तार
दुल्हन नाबालिग लग रही थी, जबकि दुल्हा दोगुने से ज्यादा उम्र का था। उसके माता-पिता से उम्र का साक्ष्य मांगा गया तो वह प्रस्तुत नहीं कर सके। दुल्हन बनी किशोरी ने बताया कि वह कक्षा पांचवी तक पढ़ी है।
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जिला बाल संरक्षण इकाई के आरओडब्लू शेषमणि दुबे ने बताया कि पैसे के लालच में नाबालिग की शादी की जा रही थी। मौके से एक लाख 9 हजार नौ सौ रुपये भी बरामद हुए। पुलिस ने मामले में संलिप्त छतरपुर जिले के महराजपुर थाना क्षेत्र केदिलनिया निवासी दयाराम पाल, मुन्नीलाल पाल और घोरावल थाना क्षेत्र के पेढ़ गांव निवासी गोरेलाल को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया।
किशोरी को को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जिला बाल संरक्षण अधिकारी व वन स्टाप सेंटर की अभिरक्षा में दिया गया। कार्रवाई करने वाली टीम में एएचटीयू प्रभारी रामजी यादव, एसआई रामगोविंद यादव, घोरावल कस्बा चौकी प्रभारी जितेंद्र बहादुर सिंह, वन स्टाप सेंटर की दीपिका सिंह, आरक्षी धनंजय यादव शामिल रहे।