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वर्षू जल का करें संचय, भू-गर्भ जल न करें बर्बाद : डीएम
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सोनभद्र। कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को भूजल सप्ताह के तहत गोष्ठी हुई। वक्ताओं ने मानव जीवन में जल के महत्व को समझाया। साथ ही कृषि उत्पादन एवं उद्योगों में जल की उपयोगिता पर चर्चा की। वर्षा जल का संचय करने और भू-गर्भ जल बर्बाद न करने की अपील की गई।
जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि जल के अविवेकपूर्ण एवं असंयमित उपयोग से भयावह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए खुशहाल भविष्य के लिए भूजल बचाएं और रोजमर्रा के घरेलू कार्यों में जल की बचत करें। भावी पीढ़ी के लिए भूजल को संजोकर रखें। लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार शर्मा ने कहा कि वर्षा जल संचयन के लिए चेकडैम निर्माण, बंधी, तालाब जीणोद्वार, खेतों के मेड़ बंधी निर्माण कराया जा रहा है।
नमामि गंगे के अपर जिलाधिकारी, डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, उप निदेशक (कृृषि) डीके गुप्ता, जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार शर्मा, डीपीआरओ विशाल सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि पानी को संरक्षित करने के लिए फसलों के चयन में फसल चक्र में सावधानी बरतते हुए कम जल उपयोग वाले फसलों का चयन किसान करें। हर खेत का पानी खेत में, हर गांव का पानी गांव में रहे इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। बताया कि जिले में 400 से 500 ग्राम पंचायतों में गर्मी के दिनों में पानी की परेशानी होती थी लेकिन जल संरक्षण के कारण वर्तमान में रिचार्ज की स्थिति संतोषजनक है। इस मौके पर सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा, सीएमओ डॉ. नेम सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह के साथ सभी ब्लॉक के बीडीओ मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि जल के अविवेकपूर्ण एवं असंयमित उपयोग से भयावह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए खुशहाल भविष्य के लिए भूजल बचाएं और रोजमर्रा के घरेलू कार्यों में जल की बचत करें। भावी पीढ़ी के लिए भूजल को संजोकर रखें। लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार शर्मा ने कहा कि वर्षा जल संचयन के लिए चेकडैम निर्माण, बंधी, तालाब जीणोद्वार, खेतों के मेड़ बंधी निर्माण कराया जा रहा है।
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नमामि गंगे के अपर जिलाधिकारी, डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, उप निदेशक (कृृषि) डीके गुप्ता, जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार शर्मा, डीपीआरओ विशाल सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि पानी को संरक्षित करने के लिए फसलों के चयन में फसल चक्र में सावधानी बरतते हुए कम जल उपयोग वाले फसलों का चयन किसान करें। हर खेत का पानी खेत में, हर गांव का पानी गांव में रहे इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। बताया कि जिले में 400 से 500 ग्राम पंचायतों में गर्मी के दिनों में पानी की परेशानी होती थी लेकिन जल संरक्षण के कारण वर्तमान में रिचार्ज की स्थिति संतोषजनक है। इस मौके पर सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा, सीएमओ डॉ. नेम सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह के साथ सभी ब्लॉक के बीडीओ मौजूद रहे।
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