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Sonebhadra News: यूरेनियम का पता लगाने के लिए अब चितपहरी में खोदाई कर लिए जा रहे सैंपल
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म्योरपुर। जिले के दक्षिणांचल में यूरेनियम की खोज के लिए चार साल से डेरा जमाए परमाणु ऊर्जा विभाग ने खोदाई तेज कर दी है।कुदरी पहाड़ी और आसपास सौ टन यूरेनियम का पता लगाने के बाद वहां से करीब दस किमी दूर ग्राम पंचायत पूर्वी देवहार में चितपहरी के जंगल में सर्वे के बाद नमूने के लिए खोदाई की जा रही है। यहां पर मशीनों से करीब 15 दिनों से खोदाई की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, बोरिंग के जरिये तीन सौ मीटर गहरी खोदाई कर सैंपल लिए जाएंगे और फिर जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे। लैब रिपोर्ट से पता चलेगा कि यहां यूरेनियम की मात्रा है या नहीं। हालांकि जांच और खोदाई में जुटे अधिकारी इस बारे में कोई भी जानकारी देने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि हम लोग जांच में जुटे हैं। जानकारी विभाग के निदेशक ही दे सकते हैं।
बहरहाल, चार साल पहले हुए हेलिकॉप्टर से सर्वेक्षण के बाद जिस तरह से विभाग यहां डेरा जमाए हुए है और लगातार नमूने एकत्र कर लैब भेज रहा है, इससे अनुमान लगाया रहा है कि यहां के जंगल और पहाड़ियों में खनिज संपदा का भंडार है। अगर चितपहरी के जंगल में यूरेनियम की पुष्टि होती है तो यह देश के परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि होगी।
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सूत्रों के अनुसार, बोरिंग के जरिये तीन सौ मीटर गहरी खोदाई कर सैंपल लिए जाएंगे और फिर जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे। लैब रिपोर्ट से पता चलेगा कि यहां यूरेनियम की मात्रा है या नहीं। हालांकि जांच और खोदाई में जुटे अधिकारी इस बारे में कोई भी जानकारी देने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि हम लोग जांच में जुटे हैं। जानकारी विभाग के निदेशक ही दे सकते हैं।
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बहरहाल, चार साल पहले हुए हेलिकॉप्टर से सर्वेक्षण के बाद जिस तरह से विभाग यहां डेरा जमाए हुए है और लगातार नमूने एकत्र कर लैब भेज रहा है, इससे अनुमान लगाया रहा है कि यहां के जंगल और पहाड़ियों में खनिज संपदा का भंडार है। अगर चितपहरी के जंगल में यूरेनियम की पुष्टि होती है तो यह देश के परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि होगी।
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