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बैंक खातों में ही रह गया वेतन

Thu, 01 Dec 2016 09:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र Updated Thu, 01 Dec 2016 09:59 PM IST
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Salaries remained in bank accounts
राबर्ट्सगंज तहसील में प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते सपा मजदूर संगठन के कार्यकर्ता।
भले ही वेतन भोगियों का खाता भारी हो गया है, मगर बैंक में करेंसी की कमी होने से ऐसे लोगों की जेब एक दो दिन तक खाली ही रहेगी। करेंसी के नाम पर आरबीआई ने बुधवार को 10-10 के सिक्कों की खेप भेजी है। अधिकांश बैंकों में वेतनभोगियों और पेंशन धारकों को तीन हजार से पांच हजार रुपये ही दिया जा रहा हैै। इनमें से सबसे अधिक दस-दस के सिक्के का पैकेट पकड़ाया जा रहा है।
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बैंकों में करेंसी न आने से वेतन से घर का खर्च चलाने वाले और पारिवारिक जिम्मेदारियों को उठाने वाले खासे परेशान हैं। गुरुवार को कर्मचारियों, पेंशनरों ने बैंकों का रुख   किया लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। पेंशन से घरेलू खर्च चलाने वाली गुलाबी गुरुवार को इलाहाबाद बैंक राबर्ट्सगंज में पेंशन निकालने गईं तो उन्हें बैंक कर्मियों ने महज तीन हजार रुपये ही दिये। गुलाबी का कहना था कि इतने कम पैसे से आखिरकार घर का खर्च कैसे चलाएं, समझ नहीं आ रहा।
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 शिक्षिका सुषमा ने बताया कि गुरुवार को वे बैंक पर वेतन निकालने गईं तो पता चला कि बैंक में करेंसी ही नहीं आई है। इसलिए वेतन की पूरी धनराशि नहीं मिल रही। ऐसे में घरेलू खर्च के साथ ही शादी विवाह समारोह समेत अन्य कामकाज प्रभावित हो रहा। अपना दैनिक खर्च के साथ घरेलू खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।  डॉ. प्रमोद प्रजापति, डा.एपी वर्मा ने भी कहा कि बैंकों से कम पैसा मिलने से कामकाज प्रभावित हो रहा। डॉ.केके पांडेय ने कहा कि राबर्ट्सगंज मेें वह किराए के मकान में रहते है। उनका परिवार इलाहाबाद में शिफ्ट है। दोनों जगह खर्च चलाना हैै। खाते में लगभग एक लाख रुपये वेतन आया है। लेकिन बैंककर्मी सिर्फ तीन हजार देने की बात कह रहे हैै। \
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ऐसे में घर का खर्च कैसे चलेगा कुछ समझ में नहीं आ रहा हैै। सीएमओ दफ्तर में तैनात कंप्यूटर आपरेटर रवि श्रीवास्तव ने बताया कि उनका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में है। यहां भी बैंक कर्मियों ने जरूरत के अनुसार रुपये देने से इंकार कर दिया। शिक्षिका प्रियंका ने बताया कि वह राबर्ट्सगंज में रहती हैं और सहिजन गांव में प्रतिदिन पढ़ाने जाती हैं। विद्यालय प्रतिदिन आने जाने के लिए किराया, दूध, कीचेन का खर्च और अन्य जरूरी खर्च फिलहाल प्रभावित हो गया है। बैंकों में कम रुपये मिलने से आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ेगी।
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