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Sonebhadra News: कोयला खदान में संविदा कर्मियों की तोड़फोड़
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शक्तिनगर। बकाया भुगतान सहित अन्य मांगों को लेकर एनसीएल खड़िया कोयला खदान में मंगलवार की रात उग्र हुए संविदा कर्मियों ने जमकर हंगामा किया। तोड़फोड़ भी की। कर्मचारियों के उग्र रूप को देख कंपनी के अधिकारी किसी तरह बचकर भागे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति संभाली।
खड़िया खदान में अधिभार (ओबी) निस्तारण का कार्य कर रही वीपीआर कंपनी में डंपर, डोजर आपरेटर सहित अन्य कार्यों के लिए कई सौ कर्मचारी समायोजित हैं। कंपनी का कार्य समापन की ओर है। लक्ष्य का करीब दस फीसदी कार्य शेष बचा है। मजदूर अवकाश लाभ सहित अन्य देनदारियों को निबटारा चाहते हैं। इसी मसले पर जनवरी से आंदोलन की राह पर है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में कार्य बंद कर कर्मचारियों ने विरोध जताया था।
इसके बाद कोल प्रबंधन व कंपनी के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जनवरी व फरवरी के वेतन के साथ लाभ संबंधी रकम का दो किस्तों में भुगतान कर दिया जाएगा। ऐसा न होने पर सोमवार की रात कर्मचारियों ने विरोध किया और कार्य ठप कर दिया। सोमवार को काम बंद रहा। कर्मचारियों का आरोप है कि मंगलवार रात में अधिकारियों की मौजूदगी में मजदूरों के एक वर्ग से कार्य शुरू कराने का प्रयास किया। इसी बात पर कर्मचारी उग्र हो गए और तोड़फोड़ शुरू कर दिया। कैंप कार्यालय संग बस के भी शीशे तोड़ दिए। बुधवार शाम तक आंदोलित कर्मचारियों से वार्ता कर समाधान निकालने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं बनी।
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खड़िया खदान में अधिभार (ओबी) निस्तारण का कार्य कर रही वीपीआर कंपनी में डंपर, डोजर आपरेटर सहित अन्य कार्यों के लिए कई सौ कर्मचारी समायोजित हैं। कंपनी का कार्य समापन की ओर है। लक्ष्य का करीब दस फीसदी कार्य शेष बचा है। मजदूर अवकाश लाभ सहित अन्य देनदारियों को निबटारा चाहते हैं। इसी मसले पर जनवरी से आंदोलन की राह पर है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में कार्य बंद कर कर्मचारियों ने विरोध जताया था।
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इसके बाद कोल प्रबंधन व कंपनी के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जनवरी व फरवरी के वेतन के साथ लाभ संबंधी रकम का दो किस्तों में भुगतान कर दिया जाएगा। ऐसा न होने पर सोमवार की रात कर्मचारियों ने विरोध किया और कार्य ठप कर दिया। सोमवार को काम बंद रहा। कर्मचारियों का आरोप है कि मंगलवार रात में अधिकारियों की मौजूदगी में मजदूरों के एक वर्ग से कार्य शुरू कराने का प्रयास किया। इसी बात पर कर्मचारी उग्र हो गए और तोड़फोड़ शुरू कर दिया। कैंप कार्यालय संग बस के भी शीशे तोड़ दिए। बुधवार शाम तक आंदोलित कर्मचारियों से वार्ता कर समाधान निकालने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं बनी।
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