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सोनभद्र जिले के 25 गांवों में बनेंगे रुरल स्टेडियम
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सोनभद्र। गांवों में खेल प्रतिभाओं के विकास और युवाओं का कौशल निखारने के लिए जिले के 25 गांवों में रूरल स्टेडियम का निर्माण होगा। मनरेगा के तहत बनने वाले इन मैदानों के चारों तरफ रनिंग ट्रैक का निर्माण होगा। पंचायत और युवा कल्याण विभाग की मदद से खेल की अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। विभिन्न ब्लाकों से गांवों का चयन पूरा कर लिया गया है। जल्द ही भूमि चयन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। विभाग इसकी रूपरेखा बनाने में जुटा है।
ग्रामीण क्षेत्र में खेल सुविधाओं के अभाव में प्रतिभाओं का विकास नहीं हो पा रहा है। पूरे जिले में सिर्फ मुख्यालय पर तियरा गांव में स्टेडियम है। युवा कल्याण विभाग की ओर से नगवा में बहुउद्देशीय हाल का निर्माण कराया गया है लेकिन उसका संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है। गांवों में खेल मैदान के लिए आरक्षित भूमि की लंबे समय से देखभाल न होने से अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे हैं। खेल मैदान की भूमि को संरक्षित करने और खेल प्रतिभाओं के विकास के लिए ग्रामीण स्तर पर इसे स्टेडियम का रूप दिया जाएगा। मनरेगा के तहत मैदान को समतल कराया जाएगा। इसके बाद पंचायती राज, युवा कल्याण और अन्य विभागों से समन्वय बनाकर जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
रूरल स्टेडियम के लिए बभनी डगडौवा, चतरा के रामगढ़ व सिलथम, चोपन में जुगैल, घोरावल में धुआस, बिसहार, मसिया दीनानाथ व मड़ई गांव, नगवां में मकरी बारी और सदर में सिलथरी का चयन किया गया है। दुद्धी, म्योरपुर, करमा और कोन ब्लाक में भी गांवों के चयन की प्रक्रिया जारी है। चयनित गांवों में खेल मैदान का समतलीकरण कराने के बाद उसके चारों तरफ रनिंग ट्रैक का निर्माण होगा। इससे युवा गांव में ही दौड़ लगा सकेंगे। गांवों के युवक मंगल दल व अन्य समितियों के माध्यम से फुटबॉल, वॉलीबाल जैसे अन्य खेलों की व्यवस्था होगी। माना जा रहा है कि खेल मैदान होने से गांवों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
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जिले के 25 गांवों में रूरल स्टेडियम बनाने की योजना है। कुछ ब्लाकों में गांवों का चयन भी कर लिया गया है। मनरेगा से मैदान का समतलीकरण कराया जाएगा। इसके बाद दूसरे विभागों से समन्वय बनाकर खेल से जुड़ी अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। जल्द ही इस संबंध में बैठक भी होगी। - शेषमणि, उपायुक्त मनरेगा।
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ग्रामीण क्षेत्र में खेल सुविधाओं के अभाव में प्रतिभाओं का विकास नहीं हो पा रहा है। पूरे जिले में सिर्फ मुख्यालय पर तियरा गांव में स्टेडियम है। युवा कल्याण विभाग की ओर से नगवा में बहुउद्देशीय हाल का निर्माण कराया गया है लेकिन उसका संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है। गांवों में खेल मैदान के लिए आरक्षित भूमि की लंबे समय से देखभाल न होने से अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे हैं। खेल मैदान की भूमि को संरक्षित करने और खेल प्रतिभाओं के विकास के लिए ग्रामीण स्तर पर इसे स्टेडियम का रूप दिया जाएगा। मनरेगा के तहत मैदान को समतल कराया जाएगा। इसके बाद पंचायती राज, युवा कल्याण और अन्य विभागों से समन्वय बनाकर जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
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रूरल स्टेडियम के लिए बभनी डगडौवा, चतरा के रामगढ़ व सिलथम, चोपन में जुगैल, घोरावल में धुआस, बिसहार, मसिया दीनानाथ व मड़ई गांव, नगवां में मकरी बारी और सदर में सिलथरी का चयन किया गया है। दुद्धी, म्योरपुर, करमा और कोन ब्लाक में भी गांवों के चयन की प्रक्रिया जारी है। चयनित गांवों में खेल मैदान का समतलीकरण कराने के बाद उसके चारों तरफ रनिंग ट्रैक का निर्माण होगा। इससे युवा गांव में ही दौड़ लगा सकेंगे। गांवों के युवक मंगल दल व अन्य समितियों के माध्यम से फुटबॉल, वॉलीबाल जैसे अन्य खेलों की व्यवस्था होगी। माना जा रहा है कि खेल मैदान होने से गांवों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
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जिले के 25 गांवों में रूरल स्टेडियम बनाने की योजना है। कुछ ब्लाकों में गांवों का चयन भी कर लिया गया है। मनरेगा से मैदान का समतलीकरण कराया जाएगा। इसके बाद दूसरे विभागों से समन्वय बनाकर खेल से जुड़ी अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। जल्द ही इस संबंध में बैठक भी होगी। - शेषमणि, उपायुक्त मनरेगा।