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रूबी प्रसाद को कोर्ट से मिली राहत, जाति प्रमाण पत्र पर कार्रवाई रूकी
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सोनभद्र। दुद्धी की पूर्व विधायक रूबी प्रसाद को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। पूर्व विधायक की अपील पर हाईकोर्ट ने प्रमाण पत्र निरस्त करने की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए शिकायतकर्ता समेत जांच समिति के अन्य सदस्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित दुद्धी विधानसभा सीट से रूबी प्रसाद वर्ष 2012 से 2017 तक निर्दल विधायक रहीं। इनके जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति जताते हुए अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष रामनरेश पासवान ने राज्य स्तरीय स्क्रूटनी समिति से शिकायत की थी। समिति ने जांच के बाद रूबी प्रसाद को सवर्ण जाति का बताते हुए अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र निरस्त करने की संस्तुति दे दी। निर्देश के आधार पर तहसील प्रशासन ने इसकी प्रक्रिया शुरू की, मगर इससे पहले ही पूर्व विधायक की अपील पर कोर्ट पर मामले पर कार्रवाई रोक दी है। कोर्ट ने अग्रिम आदेश तक इस मामले में कोई कार्रवाई न करते हुए स्क्रूटनी समिति से रिपोर्ट तलब की है। पूर्व विधायक ने कोर्ट के आदेश की जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता रामनरेश पासवान अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर राज्य स्तरीय समिति से झूठी रिपोर्ट के आधार पर प्रमाण पत्र रद्द करने की संस्तुति कराई है। उन्होंने खुद का जाटव बिरादरी का बताते हुए कहा कि मेरे सामाजिक कार्यों से द्वेष के कारण शिकायतकर्ता ने निजी रंजिश में छवि धूमिल करने के लिए यह षडयंत्र रचा है। कोर्ट में अब सब साफ हो जाएगा।
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अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित दुद्धी विधानसभा सीट से रूबी प्रसाद वर्ष 2012 से 2017 तक निर्दल विधायक रहीं। इनके जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति जताते हुए अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष रामनरेश पासवान ने राज्य स्तरीय स्क्रूटनी समिति से शिकायत की थी। समिति ने जांच के बाद रूबी प्रसाद को सवर्ण जाति का बताते हुए अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र निरस्त करने की संस्तुति दे दी। निर्देश के आधार पर तहसील प्रशासन ने इसकी प्रक्रिया शुरू की, मगर इससे पहले ही पूर्व विधायक की अपील पर कोर्ट पर मामले पर कार्रवाई रोक दी है। कोर्ट ने अग्रिम आदेश तक इस मामले में कोई कार्रवाई न करते हुए स्क्रूटनी समिति से रिपोर्ट तलब की है। पूर्व विधायक ने कोर्ट के आदेश की जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता रामनरेश पासवान अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर राज्य स्तरीय समिति से झूठी रिपोर्ट के आधार पर प्रमाण पत्र रद्द करने की संस्तुति कराई है। उन्होंने खुद का जाटव बिरादरी का बताते हुए कहा कि मेरे सामाजिक कार्यों से द्वेष के कारण शिकायतकर्ता ने निजी रंजिश में छवि धूमिल करने के लिए यह षडयंत्र रचा है। कोर्ट में अब सब साफ हो जाएगा।
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