{"_id":"673b8a09f70688a070000d54","slug":"road-started-crumbling-within-two-years-pedestrians-troubled-while-travelling-sonbhadra-news-c-194-1-son1003-120614-2024-11-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: दो वर्ष में ही उखड़ने लगी सड़क, सफर में राहगीर परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: दो वर्ष में ही उखड़ने लगी सड़क, सफर में राहगीर परेशान
विज्ञापन
कुलडोमरी गांव को वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग निर्माण के दाे वर्ष में ही टूटने लगा है। रास्ते में कई जगह गड्ढे बन गए हैं। वन विभाग की आपत्ति के कारण दो किमी सड़क अब तक नहीं बन पाई है।
पीडब्लूडी ने करीब छह करोड़ की लागत से हाईवे के डिबुलगंज से कुलडोमरी के लोझरा होते हुए नगहा मोड़ खजुरा तक दो किमी सीसी रोड और आठ किमी पिच रोड का निर्माण कराया था।
सड़क खजुरहिया पहाड़ी तक तो बन गया है, लेकिन उसके आगे वन विभाग की आपत्ति से काम नहीं हो पाया। इस कारण खजुरहिया पहाड़ी से नगहा मोड़ तक सड़क अधूरा ही रह गया।
विज्ञापन
आम दिनों में तो कच्ची सड़क पर निकले नुकीले पत्थरों से आवागमन में परेशानी तो होती ही है। बरसात में पैदल, साइकिल और दो पहिया वाहनों से आवागमन बंद हो जाता है। सड़क बने अभी दो वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है और सड़क जगह-जगह उखड़ने लगी हैं।
कई जगह गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पक्की होने से हम लोगों को बहुत राहत मिली, लेकिन सड़क बनने के कुछ माह बाद ही इसकी गिट्टी उखड़ने लगी थी।
निर्माण के समय ही ठेकेदार को गुणवत्ता के लिए टोका गया, मगर इस पर ध्यान नहीं दिया। नतीजा सड़क एक वर्ष बाद ही उखड़ने लगी। कई जगह गड्ढे बन गए हैं। इससे साइकिल व दोपहिया वाहन के फिसलने का खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
पीडब्लूडी ने करीब छह करोड़ की लागत से हाईवे के डिबुलगंज से कुलडोमरी के लोझरा होते हुए नगहा मोड़ खजुरा तक दो किमी सीसी रोड और आठ किमी पिच रोड का निर्माण कराया था।
विज्ञापन
सड़क खजुरहिया पहाड़ी तक तो बन गया है, लेकिन उसके आगे वन विभाग की आपत्ति से काम नहीं हो पाया। इस कारण खजुरहिया पहाड़ी से नगहा मोड़ तक सड़क अधूरा ही रह गया।
विज्ञापन
आम दिनों में तो कच्ची सड़क पर निकले नुकीले पत्थरों से आवागमन में परेशानी तो होती ही है। बरसात में पैदल, साइकिल और दो पहिया वाहनों से आवागमन बंद हो जाता है। सड़क बने अभी दो वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है और सड़क जगह-जगह उखड़ने लगी हैं।
कई जगह गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पक्की होने से हम लोगों को बहुत राहत मिली, लेकिन सड़क बनने के कुछ माह बाद ही इसकी गिट्टी उखड़ने लगी थी।
निर्माण के समय ही ठेकेदार को गुणवत्ता के लिए टोका गया, मगर इस पर ध्यान नहीं दिया। नतीजा सड़क एक वर्ष बाद ही उखड़ने लगी। कई जगह गड्ढे बन गए हैं। इससे साइकिल व दोपहिया वाहन के फिसलने का खतरा बना रहता है।