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Sonebhadra News: हेरोइन तस्करी के आरोपियों को गैगस्टर मामले में राहत

Sun, 10 Dec 2023 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 10 Dec 2023 11:24 PM IST
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Relief to heroin smuggling accused in gangster case
सोनभद्र। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोनभद्र पुलिस की ओर से हेरोइन तस्करी के आरोपियों पर लगाए गए गैंगस्टर के मामले को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने गैंगचार्ट पर डीएम की स्वतंत्र टिप्पणी न होने को इसका आधार माना है। हालांकि आरोपियों पर नए सिरे से कार्रवाई की छूट दी है। यह दूसरा मामला है, जिसमें पुलिस की ओर से की गई गैंगस्टर की कार्रवाई को कोर्ट ने खारिज किया है। अब विधिक पहलुओं का अध्ययन कर पुलिस नए सिरे से कार्रवाई में जुट गई है। 11 फरवरी 2023 में तत्कालीन सदर कोतवाल बाल मुकुंद मिश्रा और एसओजी प्रभारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने जैत गांव में स्थित देवपठिया के हाते में बने कमरे में दबिश देकर 2.180 किलो हेरोइन बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने जैत गांव के निवासी गोपाल, सुधीर कुमार, करमा थाना क्षेत्र के मोकरसीम निवासी बाबूनंदन, सेमरी मिश्र निवासी सोनू एक अन्य महिला समेत दस लोगों को गिरफ्तार किया था। एक आरोपी फरार था। पुलिस ने शैलेंद्र राम उर्फ गोपी को गैंग का लीडर बताया था। बाद में अधिकांश आरोपी जमानत पर रिहा हो गए। मामले में 25 अक्तूबर को तत्कालीन थानाध्यक्ष लक्ष्मण पर्वत की तहरीर पर गैंग लीडर शैलेंद्र कुमार, गोपाल उर्फ विमल, सोनू उर्फ बंटी, अवधेश राम, राज भारती, चांदनी, बाबनंदन, सोनू सहित कुल 11 लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। दलील दी गई कि आरोपियों के पास से पूर्व में कई बार भारी मात्रा में नशे के सामान बरामद हुए हैं। मामले में आरोपी अवधेश राम ने हाईकोर्ट रिट याचिका दायर कर गैंगेस्टर के एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि गैंग चार्ट को मंजूरी, जो कि आक्षेपित एफआईआर का आधार है, मन के स्वतंत्र अनुप्रयोग को प्रकट नहीं करता है। गैंग चार्ट को ऐसी मंजूरी तभी दी जा सकती है, जब जिला मजिस्ट्रेट गैंग चार्ट सहित उसके समक्ष रखी गई सामग्री पर अपना स्वतंत्र दिमाग लगाएं। कहा कि अभिलेखों को देखने से यह साफ है कि डीएम ने बिना कोई टिप्पणी लिखे ही गैंगचार्ट का अनुमोदन कर दिया, जो नियमानुसार नहीं है। इनमें नियम 16 और 17 का स्पष्ट रूप से अनुपालन नहीं मिला। इसलिए विवादित एफआईआर कायम नहीं रखी जा सकती। दोनों पक्षों की दलीलों को सुन न्यायालय ने रिट याचिका स्वीकार की। गत 22 नवंबर को जारी आदेश में कोर्ट ने 25 अक्तूबर को दर्ज की गई गैंगस्टर एक्ट की एफआईआर को रद्द कर दिया। हालांकि पुलिस काे नए सिरे से गैंगचार्ट तैयार करने और परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई की छूट दी गई है।
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