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दो साल से गायब रिकार्ड रजिस्टर का अब तक नहीं चला पता

Mon, 29 Jun 2020 11:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2020 11:12 PM IST
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Records missing for two years have not yet been found
सोनभद्र। जिले की एक मात्र नगर पालिका राबटर्सगंज के गायब हुए खसरा-खतौनी रजिस्टर का दो साल बाद भी पता नहीं चल पाया है। मौजूदा नगर पालिका अध्यक्ष का कार्यकाल शुरू होने के बाद गायब हुए रजिस्टर को लेकर विभागीय जांच के साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी लेकिन किसने रजिस्टर गायब करवाया, रजिस्टर गया कहां, इस तरह के कुछ अन्य सवालों को लेकर जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं। अलबत्ता, जमीनों के कब्जे में हेरफेर दिखाकर कथित तौर पर कुछ रसूखदारों को लाभ पहुंचाने के लिए रजिस्टर गायब किए जाने की बात अब भी चर्चा बनी हुई है।
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नगर पालिका क्षेत्र के लोगों के जमीन पर कब्जे और उनके मालिकाना हक के प्रमाणीकरण के लिए नगरपालिका के अस्तित्व में आने के पूर्व से ही एक खसरा-खतौनी रजिस्टर बना हुआ है। इस रिकार्ड के आधार पर ही जहां लोगों को उनके जमीन की खसरा-खतौनी जारी की जाती थी, वहीं जमीन की खरीद-बिक्री के साथ ही जमीन पर लोन, होम लोन, नक्शा पास कराए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाती थी। प्रत्येक जमीन की बिक्री के एवज में खरीदार नगर पालिका में एक निश्चित शुल्क जमा कर रसीद भी कटवाता था, लेकिन दो साल पूर्व अचानक पूरा का पूरा खसरा-खतौनी रजिस्स्टर ही गायब हो गया। इस मामले में विभागीय जांच बैठाते हुए एफआईआर भी कराई गई, लेकिन रजिस्टर गया कहां और किसने तथा क्यों गायब किया, इस सवालों का जवाब अब तक सामने नहीं आ पाया है। उधर, यह मामला अब एक बार फिर चर्चा में है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी प्रदीप गिरी का कहना है कि खसरा - खतौनी रजिस्टर गायब होने का प्रकरण उनके समय का नहीं है। उनकी यहां तैनाती से पहले रजिस्टर गायब हुआ था। नगर पालिका की नजूल की जमीन का पता लगाने के लिए सर्वे कराया जा रहा है।
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नगर पालिका की नजूल की जमीन का पता लगाने को सर्वे शुरू
सोनभद्र। लोगों के बीच इस बात की भी चर्चा है कि रजिस्टर गायब होने में नगर पालिका परिषद राबर्ट्सगंज की नजूल की जमीन पर नजरें गड़ाए भू-माफिया की मिलीभगत हो सकती है। दो साल पहले 2018 में गायब हुए खसरा रजिस्टर के मामले में बैठाई गई जांच कहां तक पहुंची, इस बारे में भी जिम्मेदार लंबे समय से चुप्पी साधे हुए हैं। अब जबकि उभ्भाकांड के बाद जिले में जमीन संबंधी मामलों की एक-एक करके जांच हो रही है तो इसी क्रम में नगर पालिका प्रशासन ने खसरा रजिस्टर गायब होने के बाद पालिका क्षेत्र में स्थित नजूल की जमीन की खोज के लिए नए सिरे से सर्वे शुरू करा दिया है। खास बात यह है कि तीन दिन पहले एसडीएम सदर की अध्यक्षता और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी प्रदीप गिरी की मौजूदगी में सभासदों के साथ बैठक भी कर ली गई। अधिशासी अधिकारी प्रदीप गिरि का दावा है कि बैठक में नजूल की जमीन का पता लगाने के लिए सर्वे शुरू किए जाने संबंधी प्रस्ताव पर सभासदों से सहमति भी ली गई है। इसके बाद प्रशासन व नगर पालिका के राजस्वकर्मियों की संयुक्त टीमों के माध्यम से सर्वे का काम शुरू कराया गया है। सर्वे के लिए कुल पांच टीमें गठित की गई हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी प्रदीप गिरी का कहना है कि संयुक्त टीमें वार्ड वार सर्वे कर रही हैं। सभी टीमों को जल्द ही सर्वे कार्य पूरा कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। सर्वे के बाद ही पता चल पाएगा कि नगर पालिका की कितनी नजूल की जमीन पर अन्य लोगों का कब्जा है और कितनी जमीन खाली पड़ी है।
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