उत्तर प्रदेश विधान सभा परिषद मंडल की संसदीय जन समिति ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भेजे गए शिकायती पत्रों के निस्तारण की स्थिति जानी। सभी अधिकारियों को जिले के जनप्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर दर्ज करने और उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समिति के सभापति हीरालाल यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की ओर से लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए जो भी पत्राचार किया जाता है, उसका निस्तारण समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाए। की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत भी कराया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के माध्यम से गंभीर रोगों से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए 5 लाख रुपये प्रदान किए जाने की व्यवस्था की गई है। अगर इस संबंध में किसी जनप्रतिनिधि की ओर से पत्राचार किया गया है तो उसका निस्तारण त्वरित गति से कराना सुनिश्चित करें। बैठक में विधान परिषद सदस्य रामबिहारी यादव, एडीएम राकेश सिंह, डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, डीपीआरओ विशाल सिंह, डीसी एनआरएलएम एके जौहरी, पीडी आरएस मौर्या आदि मौजूद रहे।