{"_id":"62c876f975e0e91d28171f64","slug":"police-engaged-in-gathering-evidence-against-people-who-burp-crores-sonbhadra-news-vns6630057169","type":"story","status":"publish","title_hn":"करोड़ों डकारने वालों के खिलाफ सबूत जुटाने मे जुटी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करोड़ों डकारने वालों के खिलाफ सबूत जुटाने मे जुटी पुलिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर पंचायत घोरावल में गरीबों को आवास मुहैया कराने के नाम पर करोड़ों रुपये डकारने के आरोपियों के खिलाफ सबूत एकत्र करने में शुक्रवार को पुलिस जुटी रही। सदर कोतवाली पुलिस आवासों को अधूरा छोड़कर पूरा पैसा निकालने वाली कार्यदायी संस्था के सेवानिवृत्त तत्कालीन दो प्रबंधकों समेत छह के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कर विवेचना कर रही है। विवेचक केएन राय आवासों से जुड़े पत्रावलियों समेत अन्य साक्ष्यों को एकत्र कर रहे हैं।
राबर्ट्सगंज कोतवाली में डूडा के परियोजना अधिकारी राजेश उपाध्याय की तहरीर पर परियोजना अधिकारी बीपी सिंह, बीएम वर्मा, सेवानिवृत्त तत्कालीन यूनिट लेखाकार इंद्र मणि त्रिपाठी, रामजनम, मुहम्मदमुल और शैलेंद्र नाथ द्विवेदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया हुआ है। आरोपियों के पर आवासों के निर्माण के करोड़ों रुपये हजम करने का आरोप हैं। वादी का कहना है कि सीएंडडीएस यूनिट को आईएचएसडीपी योजना के तहत घोरावल नगर पंचायत में 512 आवास बनाने थे। इन आवासों के निर्माण के लिए 1431.87 लाख निर्गत किया गया था। वर्ष 2017 तक निर्माण कराकर हैंडओवर करना था, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ। जबकि वित्तीय धनराशि का उपयोग कर लिया गया है। शुक्रवार को पुलिस कलेक्ट्रेट में स्थित कई कार्यालयों में आवासों के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट करने वालों के खिलाफ साक्ष्य एकत्र करने में जुटी रही। इससे सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों की नींद उड़ गई है। विवेचक कृष्णानंद राय का कहना है कि साक्ष्य एकत्र किया जा रहा है।
विज्ञापन
राबर्ट्सगंज कोतवाली में डूडा के परियोजना अधिकारी राजेश उपाध्याय की तहरीर पर परियोजना अधिकारी बीपी सिंह, बीएम वर्मा, सेवानिवृत्त तत्कालीन यूनिट लेखाकार इंद्र मणि त्रिपाठी, रामजनम, मुहम्मदमुल और शैलेंद्र नाथ द्विवेदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया हुआ है। आरोपियों के पर आवासों के निर्माण के करोड़ों रुपये हजम करने का आरोप हैं। वादी का कहना है कि सीएंडडीएस यूनिट को आईएचएसडीपी योजना के तहत घोरावल नगर पंचायत में 512 आवास बनाने थे। इन आवासों के निर्माण के लिए 1431.87 लाख निर्गत किया गया था। वर्ष 2017 तक निर्माण कराकर हैंडओवर करना था, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ। जबकि वित्तीय धनराशि का उपयोग कर लिया गया है। शुक्रवार को पुलिस कलेक्ट्रेट में स्थित कई कार्यालयों में आवासों के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट करने वालों के खिलाफ साक्ष्य एकत्र करने में जुटी रही। इससे सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों की नींद उड़ गई है। विवेचक कृष्णानंद राय का कहना है कि साक्ष्य एकत्र किया जा रहा है।
विज्ञापन