सोनभद्र। आधुनिक विचारधाराओं के साथ जीवन जीने की शैली में आए बदलावों को कवियों ने कविता के माध्यम से बखूबी समझाया। उरमौरा स्थित विंध्य कन्या पीजी कॉलेज में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व आल इंडिया मुशायरा में बीएचयू से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मोह लिया। सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। देहरादून से आए कवि वत्सल्य ने सुुनाया ‘जश्न ए बर्बादी किया करते हैं, शायर तो ऐसे ही जिया करते ह’। लिटिल विश्वास ने ‘रो रही नदियां शीतलता की बचाव में’ गीत सुनाया। वाराणसी से आए दास रवि आनंद ने देश में लगातार बढ़ रही जनसंख्या के नियंत्रण व अन्य जन समस्याओं को कविता के माध्यम से लोगों के समक्ष रखा। विक्की मदेशिया ने जीवन में पथरीली राहों से गुजर कर जीवन संजोने पर कविता कही तो सभा में बैठे लोग भाव विभोर हो गए। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजली विक्रम सिंह ने आभार जताया। कार्यक्रम में मुख्य ट्रस्टी डॉ. अजय कुमार सिंह, दीपक मांग, डॉ. कैलाश नाथ, डॉ. मालती शुक्ला, डॉ. अरूणेन्द्र सदल, डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह, मनीष, अनिश, पंकज सिंह पिंकी, कीर्ति आदि उपस्थित रहे।