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Sonebhadra News: दो सीएचपी साइलो का आज पीएम करेंगे उद्घाटन
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की दो फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं (एफएमसी) का वर्चुअल रूप से बृहस्पतिवार को उद्घाटन करेंगे।
एनसीएल से संचालित 1393.69 करोड़ रुपये लागत की ये परियोजनाएं कार्बन उत्सर्जन की कमी और मशीन से कोयला निकासी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उद्धाटन की जाने वाली उल्लेखनीय परियोजनाओं में जयंत ओसीपी, सीएचपी-साइलो और दुधिचुआ ओसीपी, सीएचपी-साइलो शामिल हैं।
जयंत ओसीपी, सीएचपी-साइलो की क्षमता 15 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) है और इसे 723.50 करोड़ रुपये के निवेश के साथ विकसित किया गया है। इसी प्रकार दुधिचुआ ओसीपी सीएचपी-साइलो की वार्षिक क्षमता 10 मिलियन टन है। इसे 670.19 करोड़ रुपये के निवेश से बनाया गया है। उद्घाटन के बाद ये परियोजनाएं कोयला निकासी की प्रक्रिया में दक्षता और स्थिरता का नया युग शुरू करेंगी।
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परिवहन समय और लागत दोनों को कम करेंगी, जिससे समग्र उत्पादकता और लाभप्रदता में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त ये परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स को अधिकतम और कार्बन उत्सर्जन को कम करके गुणवत्ता वाले कोयले के प्रेषण और इसके वितरण के लिए एक हरित और पर्यावरण के प्रति जागरूक दृष्टिकोण में योगदान देंगी।
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एनसीएल से संचालित 1393.69 करोड़ रुपये लागत की ये परियोजनाएं कार्बन उत्सर्जन की कमी और मशीन से कोयला निकासी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उद्धाटन की जाने वाली उल्लेखनीय परियोजनाओं में जयंत ओसीपी, सीएचपी-साइलो और दुधिचुआ ओसीपी, सीएचपी-साइलो शामिल हैं।
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जयंत ओसीपी, सीएचपी-साइलो की क्षमता 15 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) है और इसे 723.50 करोड़ रुपये के निवेश के साथ विकसित किया गया है। इसी प्रकार दुधिचुआ ओसीपी सीएचपी-साइलो की वार्षिक क्षमता 10 मिलियन टन है। इसे 670.19 करोड़ रुपये के निवेश से बनाया गया है। उद्घाटन के बाद ये परियोजनाएं कोयला निकासी की प्रक्रिया में दक्षता और स्थिरता का नया युग शुरू करेंगी।
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परिवहन समय और लागत दोनों को कम करेंगी, जिससे समग्र उत्पादकता और लाभप्रदता में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त ये परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स को अधिकतम और कार्बन उत्सर्जन को कम करके गुणवत्ता वाले कोयले के प्रेषण और इसके वितरण के लिए एक हरित और पर्यावरण के प्रति जागरूक दृष्टिकोण में योगदान देंगी।