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रेणुकापार के गांवों में पेयजल की समस्या बढ़ी, नहीं लगे टैंकर

Sun, 04 Apr 2021 12:13 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 04 Apr 2021 12:13 AM IST
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peyajal kee samasya badhee, nahin lage tainkar
चोपन। विकास खंड चोपन के रेणुकापार के गांवों में तपन बढ़ने के साथ ही पेयजल संकट गहराने लगा है। कई गांवों में पेयजल के लिए लोगों को दूर दराज भटकना पड़ रहा है। लेकिन अभी तक पानी आपूर्ति के लिए टैँकर की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
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परसोई ग्राम पंचायत के उत्तर टोला, नवाटोला, खटिहवां आदि में गर्मी के शुरूआती दिनों में ही पेयजल की समस्या बढ़ने लगी है। ऐसे में ग्रामीणों के साथ ही पशुओं को भी बहुत परेशानी हो रही है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पेयजल की समस्या पूर्व की भांति शुरू होने लगी है। इससे इंसानों के साथ-साथ जानवर भी पानी के लिए भटकना शुरू कर दिये हैं। क्षेत्र के शिवधारी, कन्हैया लाल, रामबली, जगदीश आदि का कहना है कि यह समस्या हर वर्ष गर्मी के दिनों में होती है। लेकिन पेयजल समस्या के निस्तारण के लिए आज तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे तपन के दिनों में पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। भू-जलस्तर खिसकने से क्षेत्र में स्थापित हैंडपंप पानी देना छोड़ रहे हैं। क्षेत्र के नदी, नालों में भी पानी का प्रवाह थम सा गया है। इससे लोगों को सर्वाधिक दिक्कत पशुओं को पानी पिलाने को लेकर हो रही है। इस संबंध में एडीओ पंचायत सुनील पाल का कहना है कि परसोई क्षेत्र में अभी पेयजल समस्या की सूचना नहीं है। पता कराकर जिन क्षेत्र में पानी की समस्या है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाएगी।
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सूखने लगी पांडू नदी, पेयजल संकट गहराया
कोन। क्षेत्र से होते हुए बह रही पांडू नदी का जल प्रवाह अप्रैल माह के शुरूआत में ही थम जाने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों का जलस्तर नीचे जाने से पेयजल संकट गहराता जा रहा है। इसके कारण क्षेत्र के तमाम हैंडपंप पानी छोड़ने लगे है। इससे ग्रामीण परेशान हैं।
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क्षेत्र स्थित कचनरवा के पांडू चट्टान से निकली नदी कचनरवा, किशुनपुरवा, रोरवा ,चेरवाडीह, मिटिहिनिया, कोन, बरवाखाडं, मिश्री होते झारखंड को बहती है। इस नदी के सहारे ही उपरोक्त सभी गांवों के बसने की बात बताई जाती है। नदी के किनारे बसे गांवों के पशु उसी नदी से पानी पीते रहते है, जो अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह मे ही सुखने से पेयजल संकट गहरा गया है। बरवाखाड़ के ग्रामीण राम आधार यादव, भगवान दास, रामनरेश विश्वकर्मा ग्रामीणों का कहना है कि नदी सुखते ही सबसे ज्यादा परेशानी पशुओं के पेयजल की हो रही है। वहीं हैंडपंप भी जवाब देने लगे हैं, जिससे पेयजल संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराते हुये हैंडपंप मरम्मत व रिबोर कराने की मांग की है।
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