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सोनभद्र से है पप्पू के चाय की अड़ी का नाता
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वाराणसी में रोड शो के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने जिस अड़ी पर रुककर चाय पी, उसका नाता सोनभद्र से है। खडुई गांव निवासी बलदेव ने चाय की इस दुकान की नींव रखी थी। अब इसे उनके बेटे पप्पू चला रहे हैं। पप्पू की अड़ी साहित्यकारों, कलाकारों, नेताओं की बैठकबाजी के कारण चर्चा में रहती है। अब पीएम मोदी ने वहां पहुंचकर उसे और चर्चित बना दिया है।
विंध्य संस्कृति एवं शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक व इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार पप्पू की अड़ी हमेशा सुर्खियों में छाई रही। कभी काशी के प्रख्यात साहित्यकार काशीनाथ सिंह के उपन्यास काशी का अस्सी तो कभी इस उपन्यास पर बनने वाली फिल्म से। अब मोदी जी के चाय पान की वजह से यह अड़ी मीडिया की सुर्खियां बटोर रही है। देशी-विदेशी, पर्यटकों, यात्रियों, रचनाधर्मियों, साधु-संतों, संन्यासियों को इस अड़ी पर ही सफलता का मंत्र प्राप्त होता है। पप्पू के चाय की अड़ी को साहित्य, फिल्म, मीडिया की सुर्खियों में लाने वाले प्रख्यात साहित्यकार काशीनाथ सिंह का मधुर संबंध रॉबर्ट्सगंज की धरती से रहा है। बीएचयू वाराणसी में शिक्षण के दौरान जब कोई छात्र इस क्षेत्र से जाता था तो पहले उसका पता पूछते थे और जब वह छात्र अपना पता रॉबर्ट्सगंज या आसपास के क्षेत्रों से बताता था तो मुस्कुरा कर कहते थे, ‘हमरो ससुराल रापटगंज में बा’।
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विंध्य संस्कृति एवं शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक व इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार पप्पू की अड़ी हमेशा सुर्खियों में छाई रही। कभी काशी के प्रख्यात साहित्यकार काशीनाथ सिंह के उपन्यास काशी का अस्सी तो कभी इस उपन्यास पर बनने वाली फिल्म से। अब मोदी जी के चाय पान की वजह से यह अड़ी मीडिया की सुर्खियां बटोर रही है। देशी-विदेशी, पर्यटकों, यात्रियों, रचनाधर्मियों, साधु-संतों, संन्यासियों को इस अड़ी पर ही सफलता का मंत्र प्राप्त होता है। पप्पू के चाय की अड़ी को साहित्य, फिल्म, मीडिया की सुर्खियों में लाने वाले प्रख्यात साहित्यकार काशीनाथ सिंह का मधुर संबंध रॉबर्ट्सगंज की धरती से रहा है। बीएचयू वाराणसी में शिक्षण के दौरान जब कोई छात्र इस क्षेत्र से जाता था तो पहले उसका पता पूछते थे और जब वह छात्र अपना पता रॉबर्ट्सगंज या आसपास के क्षेत्रों से बताता था तो मुस्कुरा कर कहते थे, ‘हमरो ससुराल रापटगंज में बा’।
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