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Sonebhadra News: देखरेख के अभाव में ऑक्सीजन प्लांटों की उखड़ रहीं सांसें

Mon, 23 Dec 2024 11:31 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Dec 2024 11:31 PM IST
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Oxygen plants are struggling due to lack of maintenance
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट आठ से नौ महीने से खराब है। इस वजह से वार्डों में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के माध्यम से किसी तरह ऑक्सीजन दिया जा रहा है।
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वहीं विशेष आवश्यकता वाले मरीजों को सिलिंडर के जरिए ऑक्सीजन दी जा रही है। लापरवाही का आलम यह है कि जो प्लांट ठीक हैं। वह भी संचालित नहीं हैं। जिला अस्पताल और एलटू अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट की हालत काफी दयनीय है।
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यहां रोजाना 800 से अधिक मरीज आते हैं। इनमें से 10-12 मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत होती है। मेडिकल कालेज के अधीन जिला अस्पताल और एलटू अस्पताल परिसर में ही अलग-अलग क्षमता के चार प्लांट लगे हैं।
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एल-2 अस्पताल के पास एक मिनट में 1500 लीटर और पांच सौ लीटर ऑक्सीजन देने वाले दो प्लांट लगे हैं। दो अन्य प्लांट जिला अस्पताल के मुख्य भवन के पास है। इनकी क्षमता भी 1500 लीटर और 45 लीटर प्रति मिनट है। वर्तमान में कोई भी प्लांट चालू हालत में नहीं है।
जिला अस्पताल में लगे 1500 लीटर क्षमता वाला प्लांट करीब आठ से नौ माह से खराब है। इसके कुछ उपकरण चोर निकाल कर ले गए हैं। सूत्रों की माने तो इसकी मरम्मत पर सात से नौ लाख के खर्च का अनुमान हैं।
हालांकि विभाग कागजी प्रक्रियाओं में ही उलझ गया है। जिसके कारण अब तक इसे ठीक नहीं कराया जा सका है। जबकि 45 लीटर प्रति मिनट क्षमता का प्लांट भी आवश्यकता को पूरा न कर पाने और तकनीशियन न होने के कारण ठप है। एल-2 अस्पताल के पास लगे प्लांटों का हाल भी ऐसा ही है। जो लंबे समय से ठप हैं।




पाइप लाइन से महिनों से आपूर्ति नही
प्लांट में ऑक्सीजन लिक्विड फॉर्म में तैयार होती है। जिसे बड़े टैंक में स्टोर किया जाता है। मरीजों तक ऑक्सीजन की सप्लाई पहुंचाने को पाइपलाइन बिछी हुई है। टैंक खाली होने पर फिर से प्लांट के जरिए इसे भरा जाता है। हालांकि प्लांट ठप होने के बाद पाइप लाइन की बजाय मरीजों को सिलिंडर से ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे मरीजों को देरी का खामियाजा उठाना पड़ रहा है।
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