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Sonebhadra News: गांवों में डायरिया का प्रकोप, कई अस्पताल में भर्ती
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सोनभद्र। मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। जिले में डायरिया के मामले तेजी से बढ़े हैं। सदर विकास खंड के राजपुर गांव में डायरिया के 12 मरीज सामने आए हैं। वहीं घोरावल क्षेत्र के बिसरेखी में तीन दिनों में 25 से अधिक मरीज मिले हैं। सभी का उपचार विभिन्न अस्पतालों में कराया जा रहा है।
राजपुर गांव निवासी विनोद भारती के परिवार में कई सदस्यों की तबीयत शुक्रवार की दोपहर बाद अचानक बिगड़ गई। परिवार के सरोज (33) पत्नी विनोद, नेहा (17), अर्चना (15), सूर्या (7) और विष्णु (5) को एक साथ उल्टी-दस्त होने पर परिजन उन्हें शाहगंज स्थित अस्पताल ले गए। वहां से सभी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया गया। उसी घर के विशाल (6) व पड़ोस में रहने वाली बालिका को शनिवार की शाम जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
रविवार की शाम तक जिला अस्पताल में राजपुर गांव के सात लोगों का भर्ती कर उपचार चलता रहा। परिजनों ने बताया कि तीन दिन पूर्व बगल के ही कस्तूरिया सहित पांच लोगों को भी डायरिया की शिकायत थी। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इस तरह से राजपुर गांव में तीन दिनों में डायरिया के 12 मामले सामने आ चुके हैं। इसी तरह राबर्ट्सगंज रेलवे फाटक निवासी अजय कुमार, चोपन निवासी उषा को भी डायरिया की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत शुक्ला ने बताया कि बच्चों में डायरिया के मामले बढ़े हैं। जिला अस्पताल में रोजाना बच्चों की ओपीडी में 30 फीसदी डायरिया से संबंधित केस हैं। अधिकांश को दवा से ही लाभ मिल रहा है। कुछ को ही भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने खुले खाद्य पदार्थों का सेवन से बचने, साफ पानी के सेवन और साफ-सफाई के साथ खान-पान पर भी विशेष ध्यान देने की अपील किया है।
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बिसरेखी में 25 से अधिक लोग डायरिया से प्रभावित
सोनभद्र। घोरावल विकास खंड क्षेत्र के बिसरेखी गांव में डायरिया का प्रकोप है। शुक्रवार से रविवार की शाम तक अनुसूचित जाति की बस्ती में अलग-अलग घरों से 25 से अधिक लोग डायरिया से ग्रसित हो चुके हैं। इनमें बबीता 22, संतरा 15, लालचंद्र 60, श्रीदेवी 28, कलावती 45, कुमारी 35, अमरनाथ 45 सहित सात मरीजों काे सीएचसी में भर्ती कराया गया है। अक्षीक्षक नरेंद्र सरोज का कहना है कि शुक्रवार को बिसरेखी गांव में डायरिया के प्रकोप की सूचना मिली। तत्काल स्वास्थ्य टीम को भेजकर जांच कराई गई। यहां करीब 20 से अधिक मरीजों का उपचार घर पर ही किया गया। गांव में दवाओं का वितरण किया गया है। सीएचसी में भर्ती बबिता के पिता प्रेमनाथ ने बताया कि गांव में तीन दिनों से डायरिया का प्रकोप है। गांव में टैंकर से पानी सप्लाई बंद होने और चार दिन सें ट्रांसफार्मर जले होने के कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित है। लिहाजा दलित बस्ती में मौजूद एक मात्र हैंडपंप का दूषित पानी पीने को लोग विवश हैं।
दूषित पेयजल से लोग बीमार पड़ रहे हैं। अभी वास्तविक मरीजों की संख्या का पता नहीं चला है। बचाव के लिए जरूरी है कि स्वच्छ जल का सेवन करें। - डॉ. प्रेम नाथ, नोडल।
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राजपुर गांव निवासी विनोद भारती के परिवार में कई सदस्यों की तबीयत शुक्रवार की दोपहर बाद अचानक बिगड़ गई। परिवार के सरोज (33) पत्नी विनोद, नेहा (17), अर्चना (15), सूर्या (7) और विष्णु (5) को एक साथ उल्टी-दस्त होने पर परिजन उन्हें शाहगंज स्थित अस्पताल ले गए। वहां से सभी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया गया। उसी घर के विशाल (6) व पड़ोस में रहने वाली बालिका को शनिवार की शाम जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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रविवार की शाम तक जिला अस्पताल में राजपुर गांव के सात लोगों का भर्ती कर उपचार चलता रहा। परिजनों ने बताया कि तीन दिन पूर्व बगल के ही कस्तूरिया सहित पांच लोगों को भी डायरिया की शिकायत थी। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इस तरह से राजपुर गांव में तीन दिनों में डायरिया के 12 मामले सामने आ चुके हैं। इसी तरह राबर्ट्सगंज रेलवे फाटक निवासी अजय कुमार, चोपन निवासी उषा को भी डायरिया की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत शुक्ला ने बताया कि बच्चों में डायरिया के मामले बढ़े हैं। जिला अस्पताल में रोजाना बच्चों की ओपीडी में 30 फीसदी डायरिया से संबंधित केस हैं। अधिकांश को दवा से ही लाभ मिल रहा है। कुछ को ही भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने खुले खाद्य पदार्थों का सेवन से बचने, साफ पानी के सेवन और साफ-सफाई के साथ खान-पान पर भी विशेष ध्यान देने की अपील किया है।
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बिसरेखी में 25 से अधिक लोग डायरिया से प्रभावित
सोनभद्र। घोरावल विकास खंड क्षेत्र के बिसरेखी गांव में डायरिया का प्रकोप है। शुक्रवार से रविवार की शाम तक अनुसूचित जाति की बस्ती में अलग-अलग घरों से 25 से अधिक लोग डायरिया से ग्रसित हो चुके हैं। इनमें बबीता 22, संतरा 15, लालचंद्र 60, श्रीदेवी 28, कलावती 45, कुमारी 35, अमरनाथ 45 सहित सात मरीजों काे सीएचसी में भर्ती कराया गया है। अक्षीक्षक नरेंद्र सरोज का कहना है कि शुक्रवार को बिसरेखी गांव में डायरिया के प्रकोप की सूचना मिली। तत्काल स्वास्थ्य टीम को भेजकर जांच कराई गई। यहां करीब 20 से अधिक मरीजों का उपचार घर पर ही किया गया। गांव में दवाओं का वितरण किया गया है। सीएचसी में भर्ती बबिता के पिता प्रेमनाथ ने बताया कि गांव में तीन दिनों से डायरिया का प्रकोप है। गांव में टैंकर से पानी सप्लाई बंद होने और चार दिन सें ट्रांसफार्मर जले होने के कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित है। लिहाजा दलित बस्ती में मौजूद एक मात्र हैंडपंप का दूषित पानी पीने को लोग विवश हैं।
दूषित पेयजल से लोग बीमार पड़ रहे हैं। अभी वास्तविक मरीजों की संख्या का पता नहीं चला है। बचाव के लिए जरूरी है कि स्वच्छ जल का सेवन करें। - डॉ. प्रेम नाथ, नोडल।