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31 मार्च तक काम पूरा करें नहीं तो होगा केस
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Sat, 03 Dec 2016 10:21 PM IST
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राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन अभियान के तहत पूरे गांवों को ओडीएफ बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। दो दिन पूर्व करीब साढ़े 12 हजार शौचालय के निर्माण के लिए लगभग आठ करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की है। फिलहाल अब भी कई गांवों में शौचालय की स्थिति दयनीय है। समस्त एडीओ पंचायत एवं सेक्रेटरी को 31 मार्च तक समस्त शौचालय का कार्य पूर्ण कराने का निर्देश मिला है। निर्धारित समयसीमा के भीतर शौचालय न बनवाने वालों के खिलाफ केस दर्ज होगा।
जिला प्रशासन गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए अभियान चला रहा है। इसके अलावा गांवों में निगरानी समिति का गठन किया जा रहा है। समिति के सदस्य लोगों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे है। जिनके घरों में शौचालय नहीं है उनके यहां बनवाया जा रहा है। इसके लिए शासन से प्रर्याप्त धन भी मुहैया कराया गया है। गांवों को खुले में शौचमुक्त बनाने के अभियान की मंशा पर कुछ सफाईकर्मी पानी फेर रहे है। मधपुर में बना सार्वजनिक शौचालय गंदगी से पटा हुआ है। यहीं हाल म्योरपुर के सार्वजनिक शौचालय का भी है। इसी तरह कई गांवों के बने शौचालय का हाल है। डीपीआरओ एमपी द्विवेदी ने कहा कि जिन सार्वजनिक शौचालयों में गंदगी होगी के सफाईकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 13 हजार शौचालयों कार्य पूर्ण हो चुका है। करीब साढ़े 12 हजार शौचालयों के पहली किश्त आठ करोड़ लाभार्थियों के खाते में भेजा गया है। प्रत्येक लाभार्थी को प्रथम किश्त छह हजार भेजी गई हैै। चेतावनी देते हुए कहा कि शौचालय का निर्माण कराने में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्घ केस दर्ज कराया जाएगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों का निर्देश मिल चुका है।
जिला प्रशासन गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए अभियान चला रहा है। इसके अलावा गांवों में निगरानी समिति का गठन किया जा रहा है। समिति के सदस्य लोगों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे है। जिनके घरों में शौचालय नहीं है उनके यहां बनवाया जा रहा है। इसके लिए शासन से प्रर्याप्त धन भी मुहैया कराया गया है। गांवों को खुले में शौचमुक्त बनाने के अभियान की मंशा पर कुछ सफाईकर्मी पानी फेर रहे है। मधपुर में बना सार्वजनिक शौचालय गंदगी से पटा हुआ है। यहीं हाल म्योरपुर के सार्वजनिक शौचालय का भी है। इसी तरह कई गांवों के बने शौचालय का हाल है। डीपीआरओ एमपी द्विवेदी ने कहा कि जिन सार्वजनिक शौचालयों में गंदगी होगी के सफाईकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 13 हजार शौचालयों कार्य पूर्ण हो चुका है। करीब साढ़े 12 हजार शौचालयों के पहली किश्त आठ करोड़ लाभार्थियों के खाते में भेजा गया है। प्रत्येक लाभार्थी को प्रथम किश्त छह हजार भेजी गई हैै। चेतावनी देते हुए कहा कि शौचालय का निर्माण कराने में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्घ केस दर्ज कराया जाएगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों का निर्देश मिल चुका है।
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