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Sonebhadra News: वित्तीय सत्र के अंतिम दिन डीएम कार्यालय ने सरेंडर किए छह अरब 46 करोड़ की धनराशि

Mon, 31 Mar 2025 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 31 Mar 2025 11:15 PM IST
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On the last day of the financial session, the DM office surrendered an amount of Rs 6.46 billion
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन विभागों में बजट खपाने की होड़ रही। शासन से आवंटित बजट को खर्च करने के लिए खूब माथापच्ची हुई। बावजूद देर शाम तक 17 विभागों को सात अरब 66 करोड़ से अधिक की धनराशि सरेंडर करनी पड़ी।
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सबसे ज्यादा 6.46 अरब रुपये डीएम कार्यालय ने लौटाए हैं तो दूसरे नंबर पीडब्ल्यूडी ने 66.98 करोड़ वापस किए हैं। इसके बाद 22.31 करोड़ रुपये पुलिस विभाग के हैं। कारागार प्रशासन अकेला ऐसा विभाग रहा, जिसने शासन से मिली पूरी धनराशि खर्च कर ली है।
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शासन की ओर से सभी विभागों को उनकी जरूरत के अनुसार विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागीय कार्यों को संपन्न करने के लिए बजट आवंटित किया जाता है। सत्र के समापन पर उन्हें बजट की एक-एक पाई का हिसाब देना पड़ता है।
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कई विभाग आवंटित बजट से कार्य कराने के लिए महीनों तक सुस्त रहे, लेकिन सत्र के समापन से ठीक पहले उनकी सक्रियता बढ़ गई थी। पिछले एक माह से वह लगातार लंबित कार्यों को पूरा कराते हुए बजट खपाने में जुटे थे।
कोई कार्यालय का रंगरोगन व मेंटनेंस कराने में जुटा रहा तो किसी ने नए फर्नीचर, स्टेशनरी सामान, कंप्यूटर आदि की खरीदारी की। इसके अलावा विकास के अवशेष कार्यों के लिए भी धन आवंटित कर दिया। तमाम जद्दोजहद के बाद भी सत्र के अंतिम दिन देर शाम तक जिले में विभिन्न विभागों को आवंटित 24 अरब 37 करोड़ 80 लाख रुपये में से सात अरब 66 करोड़ 95 लाख 38442 रुपये सरेंडर करने पड़े।


किस विभाग ने कितनी राशि का किया सरेंडर
डीएम कार्यालय: 6 अरब 46 करोड़ 69 लाख 12690
पीडब्ल्यूडी: 66 करोड़ 98 लाख 50029
पुलिस विभाग: 22 करोड़ 31 लाख 92101
स्वास्थ्य: 11 करोड़ 92 लाख 58943
होम्योपैथिक: 11 करोड़ 13 लाख 11925

वन विभाग: 01 करोड़ 19 लाख 74463
बेसिक शिक्षा: 02 करोड़ 70 लाख 2837
उच्च शिक्षा: 41 लाख 59 हजार 485
होमगार्ड: 07 लाख 71 हजार 787
सिंचाई: 02 करोड़ 77 लाख 47861
आयुर्वेद: 38 लाख 97018
पंचायती राज विभाग: 21 लाख 11528
विकास भवन: 10 लाख 8838
उद्यान: 01 लाख 38113
पशुपालन: 01 लाख 27218
आबकारी: 73 हजार 606
(नोट: आंकड़े शाम सात बजे तक हैं।)


वित्तीय सत्र में विभागों को जो भी बजट आवंटित हुआ था, उसमें से खर्च के बाद जो भी राशि अवशेष है उसे सरेंडर करना होता है। देर शाम तक 17 विभागों ने धनराशि सरेंडर की है। इसका विवरण शासन को प्रेषित किया गया है। -इंद्रभान सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी।
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