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Sonebhadra News: कार्बन डाई ऑक्साइड से मेथनाॅल बनाने वाला पहला पावर प्लांट बना एनटीपीसी विंध्याचल
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सोनभद्र। पावर प्लांट से निकलने वाले कार्बन डाई ऑक्साइड को मेथनाॅल में बदलने में एनटीपीसी विंध्याचल ने सफलता पाई है। परियोजना के कार्यकारी निदेश इं. सत्य फणि कुमार ने दावा किया कि यह भारत का पहला पावर प्लांट है, जिसने यह उपलब्धि हासिल की है। पावर प्लांट में 20 टन कार्बन डाई ऑक्साइड को अवशोषित कर 10 टन मेथनाॅल तैयार किया जा सकता है।
परियोजना के उमंग भवन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्यकारी निदेशक ने विंध्याचल परियोजना की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षा और बिजली उत्पादन के साथ ही पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण कम करने के लिए पावर प्लांट में फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडी) के लिए भारत सरकार ने 2029 तक का लक्ष्य रखा है, लेकिन विंध्याचल पावर प्लांट इसे दिसंबर 2025 तक पूरा करने पर काम कर रहा है।
इस दौरान वीडियो क्लिप के माध्यम से परियोजना के आसपास के क्षेत्रों में की जा रही सामाजिक उत्थान की गतिविधियों को दिखाया गया। वित्तीय सत्र की उपलब्धियों को भी साझा किया। एजीएम (ईएमजी) संजय प्रकाश यादव ने प्रचालन कुशलता, सुरक्षा प्रक्रियाओं और पर्यावरणीय प्रयासों पर प्रस्तुति दी। एचआर प्रमुख राकेश अरोड़ा ने अतिथियों का स्वागत किया।
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कार्यक्रम में सीजीएम चिकित्सा डॉ. बीसी चतुर्वेदी, जीएम संजीब कुमार साहा, सुजय कर्मकार, राजेशेखर पाला, एजे राजकुमार रहे। संचालन कामना शर्मा और धन्यवाद ज्ञापन मृणालिनी ने किया।
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परियोजना के उमंग भवन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्यकारी निदेशक ने विंध्याचल परियोजना की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षा और बिजली उत्पादन के साथ ही पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण कम करने के लिए पावर प्लांट में फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडी) के लिए भारत सरकार ने 2029 तक का लक्ष्य रखा है, लेकिन विंध्याचल पावर प्लांट इसे दिसंबर 2025 तक पूरा करने पर काम कर रहा है।
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इस दौरान वीडियो क्लिप के माध्यम से परियोजना के आसपास के क्षेत्रों में की जा रही सामाजिक उत्थान की गतिविधियों को दिखाया गया। वित्तीय सत्र की उपलब्धियों को भी साझा किया। एजीएम (ईएमजी) संजय प्रकाश यादव ने प्रचालन कुशलता, सुरक्षा प्रक्रियाओं और पर्यावरणीय प्रयासों पर प्रस्तुति दी। एचआर प्रमुख राकेश अरोड़ा ने अतिथियों का स्वागत किया।
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कार्यक्रम में सीजीएम चिकित्सा डॉ. बीसी चतुर्वेदी, जीएम संजीब कुमार साहा, सुजय कर्मकार, राजेशेखर पाला, एजे राजकुमार रहे। संचालन कामना शर्मा और धन्यवाद ज्ञापन मृणालिनी ने किया।