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अब ग्रामीणों को नहीं मिलेगी नि:शुल्क बिजली, देना होगा बिल
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जिले के सुदूर अंचल के ग्रामीणों को अब मुफ्त बिजली नहीं मिलेगी। जिले में स्थापित सोलर पावर प्लांटों के ग्रिड से जुड़ने के बाद यह व्यवस्था खत्म हो जाएगी। नई व्यवस्था के तहत घर रोशन करने के लिए सुदूर क्षेत्र के 2500 से अधिक गरीब उपभोक्ताओं को बिजली बिल भरना होगा।
जिले के करीब 14 सोलर पावर प्लांट को ग्रिड से जोड़ने का प्रस्ताव है। इन सोलर पावर प्लांट सेेे करीब 245 किलोवाट बिजली उत्पन्न होती है। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपी नेडा) की तरफ से जिले में 14 मिनी ग्रीड/डीडीजी (डिसेंट्रलाइज्ड डिस्ट्रीब्यूटेड जनरेशन) सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना की गई है। म्योरपुर ब्लॉक के जूरा में 15 किलो वॉट, विश्रामपुर में 10, कोरवानटोला में पांच, करचाटोला पूर्वी में 10, बरहपान में 11, घोरावल ब्लॉक के सपही में 10, उभ्भा में 16, जिन्हौरा में चार, चोपन ब्लॉक के नदहरी में 16, चोरपनिया में 55, दुद्धी के डालापीपर में 13, नगवां के घोराघर में 24, बभनी के करमघट्टी में 24 और मझौली में 32 किलो वॉट का सोलर पॉवर प्लांट स्थापित है। सभी सोलर पावर प्लांटों से करीब 245 किलोवॉट बिजली उत्पादन हो रही है। इन सोलर पावर प्लांट की स्थापना जिले के सुदूर ग्रामीण अंचल में तब की गई थी जब उस क्षेत्र में सामान्य ग्रिड से विद्युतीकरण नहीं हुआ था। सोलर पावर प्लांट से क्षेत्र के लोगों को वर्षों से निशुल्क बिजली मिल रही है। अब इन सोलर पावर प्लांटों को ग्रिड से जोड़ने की कवायद चल रही है। ग्रिड से जुड़ने के बाद इन सोलर पावर प्लांट से क्षेत्र के लोगों को निशुल्क बिजली नहीं मिल सकेगी। हालांकि सारी प्रक्रिया पूरी करने में करीब एक वर्ष लग जाएंगे। ग्रामीणों को बिजली खंभे से कनेक्शन मिलेगा जिसका बिल ग्रामीणों को चुकाना होगा।
इस वजह से ग्रिड से जोड़ने की चल रही कवायद
यूपी नेडा के अधिकारियों की मानें तो जिले के 14 स्थानों पर लगे सोलर पॉवर प्लांटों की पंचवर्षीय अनुरक्षण अवधि लगभग समाप्त हो चुकी है या फिर समाप्ति की ओर है। इन प्लांटों में लगे बैटरी की अवधि लगभग पूरी हो गई है। इस स्थिति में इन प्लांटों को ग्रिड से जोड़ने की कवायद चल रही है।
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जिले में 14 सोलर पॉवर प्लांट स्थापित हैं। अनुबंध के अनुसार इन प्लांटों के पंचवर्षीय अनुरक्षण अवधि भी समाप्त हो चुकी है। सोलर प्लांट से करीब 2500 उपभोक्ताओं को निशुल्क बिजली दी जा रही है। ग्रिड से जुड़ने के बाद सोलर पावर प्लांट से किसी उपभोक्ता को बिजली नहीं मिलेगी। बल्कि उपभोक्ताओं को बिजली विभाग में कनेक्शन कराकर बिजली का उपभोग करना होगा। - चंद्रशेखर, परियोजना अधिकारी, यूपी नेडा सोनभद्र।
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जिले के करीब 14 सोलर पावर प्लांट को ग्रिड से जोड़ने का प्रस्ताव है। इन सोलर पावर प्लांट सेेे करीब 245 किलोवाट बिजली उत्पन्न होती है। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपी नेडा) की तरफ से जिले में 14 मिनी ग्रीड/डीडीजी (डिसेंट्रलाइज्ड डिस्ट्रीब्यूटेड जनरेशन) सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना की गई है। म्योरपुर ब्लॉक के जूरा में 15 किलो वॉट, विश्रामपुर में 10, कोरवानटोला में पांच, करचाटोला पूर्वी में 10, बरहपान में 11, घोरावल ब्लॉक के सपही में 10, उभ्भा में 16, जिन्हौरा में चार, चोपन ब्लॉक के नदहरी में 16, चोरपनिया में 55, दुद्धी के डालापीपर में 13, नगवां के घोराघर में 24, बभनी के करमघट्टी में 24 और मझौली में 32 किलो वॉट का सोलर पॉवर प्लांट स्थापित है। सभी सोलर पावर प्लांटों से करीब 245 किलोवॉट बिजली उत्पादन हो रही है। इन सोलर पावर प्लांट की स्थापना जिले के सुदूर ग्रामीण अंचल में तब की गई थी जब उस क्षेत्र में सामान्य ग्रिड से विद्युतीकरण नहीं हुआ था। सोलर पावर प्लांट से क्षेत्र के लोगों को वर्षों से निशुल्क बिजली मिल रही है। अब इन सोलर पावर प्लांटों को ग्रिड से जोड़ने की कवायद चल रही है। ग्रिड से जुड़ने के बाद इन सोलर पावर प्लांट से क्षेत्र के लोगों को निशुल्क बिजली नहीं मिल सकेगी। हालांकि सारी प्रक्रिया पूरी करने में करीब एक वर्ष लग जाएंगे। ग्रामीणों को बिजली खंभे से कनेक्शन मिलेगा जिसका बिल ग्रामीणों को चुकाना होगा।
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इस वजह से ग्रिड से जोड़ने की चल रही कवायद
यूपी नेडा के अधिकारियों की मानें तो जिले के 14 स्थानों पर लगे सोलर पॉवर प्लांटों की पंचवर्षीय अनुरक्षण अवधि लगभग समाप्त हो चुकी है या फिर समाप्ति की ओर है। इन प्लांटों में लगे बैटरी की अवधि लगभग पूरी हो गई है। इस स्थिति में इन प्लांटों को ग्रिड से जोड़ने की कवायद चल रही है।
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जिले में 14 सोलर पॉवर प्लांट स्थापित हैं। अनुबंध के अनुसार इन प्लांटों के पंचवर्षीय अनुरक्षण अवधि भी समाप्त हो चुकी है। सोलर प्लांट से करीब 2500 उपभोक्ताओं को निशुल्क बिजली दी जा रही है। ग्रिड से जुड़ने के बाद सोलर पावर प्लांट से किसी उपभोक्ता को बिजली नहीं मिलेगी। बल्कि उपभोक्ताओं को बिजली विभाग में कनेक्शन कराकर बिजली का उपभोग करना होगा। - चंद्रशेखर, परियोजना अधिकारी, यूपी नेडा सोनभद्र।