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अब दोपहर बाद भी एसएनसीयू में बैठेंगे डॉक्टर
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सोनभद्र। जिला अस्पताल में स्थित एसनएससीयू में भर्ती नवजात शिशुओं के उपचार के लिए अब एक और डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई है। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम के निर्देश पर जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. पीबी गौतम ने संविदा पर तैनात एक डॉक्टर को एसएनसीयू में दोपहर बाद दो से रात आठ बजे तक नवजातों के उपचार की जिम्मेदारी सौंपी है। अब तक महज एक डॉक्टर प्रशांत शुक्ला ही एसएनसीयू में भर्ती बच्चों का उपचार करते थे। दो डॉक्टरों को जिम्मेदारी मिलने से अब बच्चों के उपचार के लिए परिजनों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
जिला अस्पताल मेें बाल रोग विशेषज्ञों की कमी से इमरजेंसी में नवजातों का उपचार कराना मुश्किल हो जाता है। यहां महज एक नियमित बाल रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। हालांकि तीन संविदा के बाल रोग विशेषज्ञ हैं लेकिन उनमें से दो डॉक्टरों से सिर्फ ओपीडी की ही सेवा ली जाती है। बच्चों के संरक्षण गृह से जुड़े लोगों ने डीएम को इस समस्या से अवगत कराया। फिर अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। तब इसे संज्ञान में लेकर डीएम एस. राजलिंगम ने जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे दोपहर में भी नवजातों के उपचार की व्यवस्था कराएं। इसके बाद सीएमएस डॉ. पीबी गौतम ने मंगलवार से एक और बाल रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी एसएनसीयू में लगाई है। वे दोपहर बाद दो बजे से शाम आठ बजे तक एसएनसीयू में भर्ती बच्चों, इमरजेंसी में आने वाले बीमार नवजात शिशुओं का उपचार करेंगे। इसके पहले अकेले डॉक्टर प्रशांत शुक्ला की तैनाती एसएनसीयू में थी। इसका नतीजा था कि दोपहर बाद से लेकर पूरी रात तक बीमार बच्चों के उपचार के लिए एसएनसीयू में कोई डॉक्टर नहीं उपलब्ध होते थे।
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जिला अस्पताल मेें बाल रोग विशेषज्ञों की कमी से इमरजेंसी में नवजातों का उपचार कराना मुश्किल हो जाता है। यहां महज एक नियमित बाल रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। हालांकि तीन संविदा के बाल रोग विशेषज्ञ हैं लेकिन उनमें से दो डॉक्टरों से सिर्फ ओपीडी की ही सेवा ली जाती है। बच्चों के संरक्षण गृह से जुड़े लोगों ने डीएम को इस समस्या से अवगत कराया। फिर अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। तब इसे संज्ञान में लेकर डीएम एस. राजलिंगम ने जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे दोपहर में भी नवजातों के उपचार की व्यवस्था कराएं। इसके बाद सीएमएस डॉ. पीबी गौतम ने मंगलवार से एक और बाल रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी एसएनसीयू में लगाई है। वे दोपहर बाद दो बजे से शाम आठ बजे तक एसएनसीयू में भर्ती बच्चों, इमरजेंसी में आने वाले बीमार नवजात शिशुओं का उपचार करेंगे। इसके पहले अकेले डॉक्टर प्रशांत शुक्ला की तैनाती एसएनसीयू में थी। इसका नतीजा था कि दोपहर बाद से लेकर पूरी रात तक बीमार बच्चों के उपचार के लिए एसएनसीयू में कोई डॉक्टर नहीं उपलब्ध होते थे।
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