Nikay Chunav Result: राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड के गृह नगर में भाजपा की करारी हार, नतीजे ने लाए माथे पर बल
सोनभद्र जिले के नवसृजित नगर पंचायत डाला बाजार में सपा प्रत्याशी की जीत हुई। राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड का आवास भी यहीं है। उन्होंने चुनाव प्रचार में खूब जोर लगाया लेकिन भाजपा को मुंह की खानी पड़ी।
विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण और अनुसूचित जाति व जनजाति कल्याण राज्य मंत्री संजीव सिंह गृह नगर डाला में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी। यहां सपा की साइकिल खूब दौड़ी। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को 775 मतों से हार मिली। नवसृजित नगर पंचायत डाला बाजार में ही राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड का आवास है। लिहाजा यहां के चुनाव को उनकी प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा था।
टिकट दिलाने से लेकर चुनाव से जुड़ी हर रणनीति बनाने में राज्य मंत्री सक्रिय रहे। मतदाताओं ने भरपूर जोश दिखाते हुए मतदान किया तब भी भाजपा उत्साहित थे। इससे इतर नतीजे ने उनके माथे पर बल ला दिए। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी चंद्रावती को 775 मतों के अंतर से हार मिली। उन्हें 1560 मत मिले, जबकि सपा की फूलवंती कुमारी ने 2335 मत पाकर जीत हासिल की। बसपा की सरोज देवी 547 मतों से तीसरे स्थान पर रहीं।
सिक्का उछाल कर हुआ हार-जीत का फैसला
ओबरा पीजी कालेज में मतगणना के दौरान उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई जब दो वार्ड सदस्यों के मत बराबर निकले। डाला नगर पंचायत के वार्ड तीन में निर्दल प्रत्याशी संतोष और भाजपा प्रत्याशी अमित को 101-101 मत मिले। इसके बाद आपसी सहमति के बाद सिक्का उछाल कर फैसला करने का निर्णय लिया गया। इसमें भाग्य ने निर्दल प्रत्याशी संतोष का साथ दिया। टॉस का फैसला आने के बाद भाजपा प्रत्याशी और समर्थक भाग्य को कोसते हुए मतगणना स्थल से निकल गए।
ये भी पढ़ें: वाराणसी में भाजपा प्रत्याशी को अपने वार्डो में ही नहीं जितवा सके मंत्री और विधायक
पांच नगरों में भाजपा की सरकार, पांच में मिली करारी हार
सोनभद्र जिले कीआधे नगर निकायों में भी भाजपा की सरकार बनी है। 10 में से पांच निकायों में भाजपा गठबंधन को भारी अंतर से जीत हासिल हुई तो अन्य निकायों में करारी शिकस्त भी खानी पड़ी। समाजवादी पार्टी ने दो सीटों पर कब्जा जमाया है तो दो सीटें निर्दलीयों के हिस्से आई है। बसपा ने भी घोरावल में जीत के साथ नगर निकायों में अपना खाता खोल लिया है।
पांच निकायों में होंगी महिला चेयरमैन
सोनभद्र जिले की दस में से चार निकायों की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हुई थी, मगर चुनाव में पांच सीटों पर आधी आबादी को जीत मिली है। सोनभद्र, डाला, चुर्क-घूर्मा, ओबरा के अलावा रेणुकूट में भी जनता ने महिला चेयरमैन पर भरोसा जताया है। इससे पहले भी यहां की चेयरमैन महिला ही थीं।
सोनभद्र नगर पालिका में भाजपा की हैट्रिक, इस बार सबसे बड़ी जीत
नगर पालिका सोनभद्र में अध्यक्ष पद पर भाजपा ने जीत की हैट्रिक लगाई है। पूर्व विधायक रूबी प्रसाद की जीत के साथ लगातार तीसरी बार नगर की सत्ता में वापसी करने वाली पार्टी ने जीत के अंतर का भी रिकार्ड बनाया है। इस सीट पर साढ़े सात हजार मतों के भारी अंतर से पार्टी प्रत्याशी को जीत मिली है, जो अब तक ही सबसे बड़ी विजय है। निकाय के आधे से अधिक वार्डों में भी भाजपा के सभासद जीते हैं।
पिछले पांच साल के कार्यकाल और नगर के मध्य से स्टेट हाईवे के निर्माण सहित कई ज्वलंत मुद्दों पर नगर के व्यापारी वर्ग में असंतोष की स्थिति थी। इससे अबकी चुनाव में सत्ताधारी दल की राह चुनौतीपूर्ण मानी जा रही थी, लेकिन अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर दुद्धी की पूर्व विधायक रूबी प्रसाद के रूप में प्रभावी चेहरे को उतारकर पार्टी ने ऐसा दांव खेला कि सारे विरोधी ढेर हो गए। पूर्व चुनावों से इतर इस बार विपक्षी दल लड़ाई में कहीं भी नहीं टिके।
दुद्धी में बना इतिहास, कमल को हराकर कमलेश ने खिलाया कमल
विधानसभा के बाद भाजपा ने नगर निकाय चुनाव में भी दुद्धी में कमल खिलाकर इतिहास रच दिया है। पहली बार इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली है। राजनीति के लिए बिलकुल नए चेहरे के रूप में कमलेश मोहन ने चुनाव मैदान में किस्मत आजमाया और अपने साथ पार्टी का भी भाग्योदय करा दिया। दुद्धी नगर पंचायत के चुनावी इतिहास में चेयरमैन की कुर्सी पर कभी कोई दलीय उम्मीदवार नहीं बैठा था। हर चुनाव में यहां निर्दलीय को जीत मिलती रही है। इस बार का चुनाव सत्ताधारी दल भाजपा के लिए काफी चुनौतीपूर्ण था।
कार्यकर्ताओें की मेहनत और एकजुटता का असर रहा कि भाजपा को यहां बड़ी जीत हासिल हुई। कमलेश मोहन ने चुनाव में नगर में जीत की हैट्रिक लगाने वाली पूर्व चेयरमैन सुनीता कमल के पति कमल कांदू को हराया। खास बात यह कि दोनों आपस में संबंधी भी हैं। चुनाव में भाजपा के कमलेश मोहन को 3316 मत मिले। वहीं निर्दल प्रत्याशी कमल कांदू को 2296 मत प्राप्त हुए। कुल 1020 मतों से भाजपा की जीत हुई।