फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Newly married woman uterus removed due to doctors negligence during surgery

8 माह पहले हुई शादी: डॉक्टर की एक गलती और जीवनभर 'मां' नहीं बन सकेगी नवविवाहिता, जानें क्या हुआ?

Fri, 13 Oct 2023 09:57 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 13 Oct 2023 09:57 PM IST
सार

गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत के बाद ऑपरेशन में डॉक्टर की लापरवाही नव विवाहिता के लिए भारी पड़ गई है। परिजनों का आरोप है कि गलत तरीके से ऑपरेशन के चलते संक्रमण से विवाहिता का गर्भाशय ही निकालना पड़ा है। 

विज्ञापन
Newly married woman uterus removed due to doctors negligence during surgery
पीड़िता की सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत के बाद ऑपरेशन में डॉक्टर की लापरवाही नव विवाहिता के लिए भारी पड़ गई है। परिजनों का आरोप है कि गलत तरीके से ऑपरेशन के चलते संक्रमण से विवाहिता का गर्भाशय ही निकालना पड़ा है। शादी के महज आठ माह बाद ही इस घटना से परिजन सदमे में हैं। उन्होंने ने डॉक्टर पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है। मामला केकराही क्षेत्र के एक निजी अस्पताल का है।
विज्ञापन


सदर कोतवाली क्षेत्र के मदार निवासी राजकुमार के बेटे शैलेंद्र मौर्य की 8 माह पहले ही शादी हुई थी। सीएमओ, पुलिस सहित अन्य अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में शैलेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी नीतू के गर्भवती होने पर अल्ट्रासाउंड कराया गया तो बच्चा ठीक था। इस बीच 22 सितंबर को उसकी पत्नी को अचानक रक्तस्राव होने लगा।
विज्ञापन

डॉक्टरों ने बिना किसी जांच कहा- बच्चा मर गया है

परिजन उसे केकराही क्षेत्र स्थित एक अस्पताल ले गए, वहां चिकित्सक राहुल कुमार और स्टाफ शशिकांत दुबे ने बिना जांच कहा कि बच्चा मर गया है। उन लोगों ने ऑपरेशन करा दिया, जिससे उसकी तबीयत काफी खराब हो गई। उसे वाराणसी के एक निजी अस्पताल भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेरी एक भी संतान नहीं, अब बाप भी नहीं बन सकता

वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने बताया कि गलत प्रक्रिया से ऑपरेशन कराने के कारण तबीयत खराब हो गई। वहां चिकित्सकों की सलाह पर ऑपरेशन से गर्भाशय निकाल दिया गया। पीड़ित ने डीएम, पुलिस और सीएमओ को दी गई तहरीर में केकराही स्थित निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सीएमओ को दिए गए शिकायती पत्र में पति ने कहा कि अस्पताल की लापरवाही से उसका जीवन बर्बाद हो गया। उन्हें एक भी संतान नहीं है और अब वो बाप भी नहीं बन सकता।

कमेटी बनाकर कराएंगे जांच

सोनभद्र जिले में कई ऐसे अस्पताल हैं, जहां नियम विरुद्ध गर्भपात का खेल चल रहा है। केकराही का अस्पताल इसका उदाहरण है। मामले की जानकारी होने पर गुरुवार को नोडल अधिकारी डॉ. जीएस यादव और सह नोडल डाॅ. रामकुंवर अस्पताल में जांच के लिए पहुंचे। सह नोडल ने बताया कि अस्पताल का पंजीकरण तो है, मगर संबंधित चिकित्सक मौके पर नहीं मिले। मामले में एक कमेटी बनाकर जांच की जाएगी। वहीं सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने भी प्रार्थना पत्र मिलने पर जांच की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed