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Sonebhadra News: रुपये के लालच में भतीजे ने की थी हत्या
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सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज के राज पैलेस के समीप दस अगस्त को हुई व्यापारी दंपती की हत्या के मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। ब्याज पर लिए गए साढ़े आठ लाख रुपये न लौटाने पड़े, इसिलए रिश्ते के भतीजे (साढ़ू के लड़के) ने दो साथियों के साथ मिलकर दंपती की बेरहमी से हत्या की थी। शनिवार की रात पुलिस ने मुठभेड़ में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसके दोनों साथियों को भी दबोच लिया। मुठभेड़ में कस्बा चौकी प्रभारी भी जख्मी हुए। उनके गले के पास गोली का छर्रा लगा है। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि मुख्य आरोपी को वाराणसी रेफर कर दिया गया है।
ब्रह्मनगर निवासी व्यापारी धर्मेंद्र सिंह पटेल और उनकी पत्नी मंजू देवी की दस अगस्त को धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। आरोपी घर में लगे सीसी टीवी कैमरे की डीवीआर, लाइसेंसी रिवाल्वर, लेनदेन के हिसाब से जुड़ी डायरी, नकदी-आभूषण उठा ले गए थे। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एसओसी, सर्विलांस, सदर कोतवाली सहित पुलिस की सात टीमें लगी थीं। एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में मीडिया को बताया कि पुलिस टीम को छानबीन में कई अहम जानकारियां हासिल हुईं। इस आधार पर संदिग्धों की तलाश की जा रही थी। शनिवार की रात मुखबिर की सूचना पर मरकरी पुलिया के पास मुठभेड़ के दौरान पन्नूगंज थाना क्षेत्र के बभनगवां निवासी कुंदन पटेल उर्फ विशाल को गिरफ्तार किया गया। उसके पैर में गोली लगी है। इस कार्रवाई में कस्बा चौकी प्रभारी कमल नयन दुबे भी घायल हो गए। कुंदन से पूछताछ के बाद उसके दो साथी रामपुर बरकोनिया के गिरियां निवासी नागेंद्र सिंह पटेल और पन्नूगंज के नौडिहा निवासी लवकुश को उरमौरा से गिरफ्तार किया गया। एसपी के मुताबिक व्यापारी धर्मेंद्र रिश्ते में कुंदन का मौसा लगता था। उसने ब्याज पर चार लाख रुपये कुंदन को दिए थे। कई अन्य लोगों को भी कुंदन ने ब्याज पर रुपये दिलाए थे। इसका पूरा हिसाब डायरी में था। ये रुपये न देने पड़ें और घर में मौजूद लाखों रुपये नकदी-जवेरात के लालच में आकर कुंदन ने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। बदमाशों के पास से व्यापारी की लाइसेंसी रिवाल्वर, घर से लूटे गए करीब 15 लाख के आभूषण, डायरी, घटना में प्रयुक्त पल्सर बाइक आदि सामान बरामद हुआ है। पूछताछ के बाद नागेंद्र व लवकुश काे संबंधित धाराओं में कोर्ट के लिए चालान कर दिया गया। गोली लगने से घायल कुंदन का वाराणसी में उपचार चल रहा है। कुंदन और नागेंद्र पर पहले से भी कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
मौसा प्रणाम कहकर घर में घुसा और कर दिया हमला
व्यापारी धर्मेंद्र सिंह पटेल की पत्नी मंजू देवी और हत्यारोपी कुंदन की मां चचेरी बहन हैं। इस नाते कुंदन का परिवार में आना-जाना था। धर्मेंद्र भी उस पर काफी भरोसा करते थे। उसके कहने पर ही उन्होंने कई लोगों को ब्याज पर करीब साढ़े चार लाख रुपये दिए थे। खुद कुंदन ने भी उनसे चार लाख रुपये लिए थे। इसी रुपये से उसने रामगढ़ क्षेत्र में भवन निर्माण सामग्री की दुकान भी खोली थी। कुंदन दूसरों से ब्याज वसूल कर धर्मेंद्र को देता था। उसे हर लेन-देन की जानकारी थी। घटना के दिन सुबह करीब साढ़े पांच बजे वह धर्मेंद्र के राज पैलेस स्थित घर पहुंचा। दरवाजा खुला हुआ था। मौसा प्रणाम कहते हुए अंदर घुसा। इसके बाद लवकुश के साथ मिलकर धर्मेंद्र पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इसी दौरान मंजू देवी आई तो उन्हें भी चाकू से वारकर मौत की नींद सुला दी। पहचान न हो पाए, इसलिए सीसी टीवी कैमरे की डीवीआर भी उठा ले गया। हिसाब की डायरी व नकदी-जेवरात उठा ले गया।
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पल्सर बाइक के मॉडल से हत्यारों तक पहुंची पुलिस
घटनास्थल से पुलिस को आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला था। सीसी टीवी कैमरे की डीवीआर भी उखाड़कर ले जाने से खुलासा बड़ी चुनौती बन गई थी। परिजन भी किसी से रंजिश की बात से इनकार करते रहे। आसपास के मकानों, दुकानों पर लगे कैमरे को खंगालने के बाद पुलिस को बस यह जानकारी मिली कि आरोपी पल्सर बाइक से आए थे। उनकी उम्र 25 से 30 के बीच थी। बाइक के मॉडल को आधार बनाकर पुलिस ने खोजबीन की। खुफिया विभाग भी इस मामले में जुट गया। एजेंसी में जाकर उस मॉडल की बाइक खरीदने वालों के बारे में जानकारी जुटाई। इसी में कुंदन का भी नाम था। सर्विलांस से कुंदन का लोकेशन खंगाला गया तो वह घटना के वक्त मौके पर ही मिला।
हत्या के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर आया था कुंदन
दंपती की हत्या के बाद कुंदन अपनी मां को लेकर धर्मेंद्र के घर पहुंचा था। मां को वहां पहुंचाने के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर भी मौजूद रहा, लेकिन इसके बाद वह लगातार बाहर होने का बहाना बताकर आने से कतराता रहा। पुलिस को मिले सीसी टीवी फुटेज में उसका हुलिया कैद था। यही कारण रहा कि वह पुलिस के सामने नहीं आना चाहता था।
पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम
एसपी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए डीआईजी रेंज आरपी सिंह ने 25 हजार रुपये का इनाम पुलिस टीम को देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में थाना प्रभारी सत्येंद्र राय, एसओजी प्रभारी रामस्वरूप वर्मा, सर्विलांस प्रभारी नागेंद्र सिंह, रेणुकूट चौकी प्रभारी राजेश चौबे, कस्बा चौकी प्रभारी कमल नयन दुबे, साइबर सेल के चंद्रशेखर यादव, नई बाजार चौकी प्रभारी संतोष कुमार सिंह आदि शामिल रहे।
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ब्रह्मनगर निवासी व्यापारी धर्मेंद्र सिंह पटेल और उनकी पत्नी मंजू देवी की दस अगस्त को धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। आरोपी घर में लगे सीसी टीवी कैमरे की डीवीआर, लाइसेंसी रिवाल्वर, लेनदेन के हिसाब से जुड़ी डायरी, नकदी-आभूषण उठा ले गए थे। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एसओसी, सर्विलांस, सदर कोतवाली सहित पुलिस की सात टीमें लगी थीं। एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में मीडिया को बताया कि पुलिस टीम को छानबीन में कई अहम जानकारियां हासिल हुईं। इस आधार पर संदिग्धों की तलाश की जा रही थी। शनिवार की रात मुखबिर की सूचना पर मरकरी पुलिया के पास मुठभेड़ के दौरान पन्नूगंज थाना क्षेत्र के बभनगवां निवासी कुंदन पटेल उर्फ विशाल को गिरफ्तार किया गया। उसके पैर में गोली लगी है। इस कार्रवाई में कस्बा चौकी प्रभारी कमल नयन दुबे भी घायल हो गए। कुंदन से पूछताछ के बाद उसके दो साथी रामपुर बरकोनिया के गिरियां निवासी नागेंद्र सिंह पटेल और पन्नूगंज के नौडिहा निवासी लवकुश को उरमौरा से गिरफ्तार किया गया। एसपी के मुताबिक व्यापारी धर्मेंद्र रिश्ते में कुंदन का मौसा लगता था। उसने ब्याज पर चार लाख रुपये कुंदन को दिए थे। कई अन्य लोगों को भी कुंदन ने ब्याज पर रुपये दिलाए थे। इसका पूरा हिसाब डायरी में था। ये रुपये न देने पड़ें और घर में मौजूद लाखों रुपये नकदी-जवेरात के लालच में आकर कुंदन ने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। बदमाशों के पास से व्यापारी की लाइसेंसी रिवाल्वर, घर से लूटे गए करीब 15 लाख के आभूषण, डायरी, घटना में प्रयुक्त पल्सर बाइक आदि सामान बरामद हुआ है। पूछताछ के बाद नागेंद्र व लवकुश काे संबंधित धाराओं में कोर्ट के लिए चालान कर दिया गया। गोली लगने से घायल कुंदन का वाराणसी में उपचार चल रहा है। कुंदन और नागेंद्र पर पहले से भी कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
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मौसा प्रणाम कहकर घर में घुसा और कर दिया हमला
व्यापारी धर्मेंद्र सिंह पटेल की पत्नी मंजू देवी और हत्यारोपी कुंदन की मां चचेरी बहन हैं। इस नाते कुंदन का परिवार में आना-जाना था। धर्मेंद्र भी उस पर काफी भरोसा करते थे। उसके कहने पर ही उन्होंने कई लोगों को ब्याज पर करीब साढ़े चार लाख रुपये दिए थे। खुद कुंदन ने भी उनसे चार लाख रुपये लिए थे। इसी रुपये से उसने रामगढ़ क्षेत्र में भवन निर्माण सामग्री की दुकान भी खोली थी। कुंदन दूसरों से ब्याज वसूल कर धर्मेंद्र को देता था। उसे हर लेन-देन की जानकारी थी। घटना के दिन सुबह करीब साढ़े पांच बजे वह धर्मेंद्र के राज पैलेस स्थित घर पहुंचा। दरवाजा खुला हुआ था। मौसा प्रणाम कहते हुए अंदर घुसा। इसके बाद लवकुश के साथ मिलकर धर्मेंद्र पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इसी दौरान मंजू देवी आई तो उन्हें भी चाकू से वारकर मौत की नींद सुला दी। पहचान न हो पाए, इसलिए सीसी टीवी कैमरे की डीवीआर भी उठा ले गया। हिसाब की डायरी व नकदी-जेवरात उठा ले गया।
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पल्सर बाइक के मॉडल से हत्यारों तक पहुंची पुलिस
घटनास्थल से पुलिस को आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला था। सीसी टीवी कैमरे की डीवीआर भी उखाड़कर ले जाने से खुलासा बड़ी चुनौती बन गई थी। परिजन भी किसी से रंजिश की बात से इनकार करते रहे। आसपास के मकानों, दुकानों पर लगे कैमरे को खंगालने के बाद पुलिस को बस यह जानकारी मिली कि आरोपी पल्सर बाइक से आए थे। उनकी उम्र 25 से 30 के बीच थी। बाइक के मॉडल को आधार बनाकर पुलिस ने खोजबीन की। खुफिया विभाग भी इस मामले में जुट गया। एजेंसी में जाकर उस मॉडल की बाइक खरीदने वालों के बारे में जानकारी जुटाई। इसी में कुंदन का भी नाम था। सर्विलांस से कुंदन का लोकेशन खंगाला गया तो वह घटना के वक्त मौके पर ही मिला।
हत्या के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर आया था कुंदन
दंपती की हत्या के बाद कुंदन अपनी मां को लेकर धर्मेंद्र के घर पहुंचा था। मां को वहां पहुंचाने के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर भी मौजूद रहा, लेकिन इसके बाद वह लगातार बाहर होने का बहाना बताकर आने से कतराता रहा। पुलिस को मिले सीसी टीवी फुटेज में उसका हुलिया कैद था। यही कारण रहा कि वह पुलिस के सामने नहीं आना चाहता था।
पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम
एसपी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए डीआईजी रेंज आरपी सिंह ने 25 हजार रुपये का इनाम पुलिस टीम को देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में थाना प्रभारी सत्येंद्र राय, एसओजी प्रभारी रामस्वरूप वर्मा, सर्विलांस प्रभारी नागेंद्र सिंह, रेणुकूट चौकी प्रभारी राजेश चौबे, कस्बा चौकी प्रभारी कमल नयन दुबे, साइबर सेल के चंद्रशेखर यादव, नई बाजार चौकी प्रभारी संतोष कुमार सिंह आदि शामिल रहे।