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गुम होती जा रही नजूल की जमीन, जिम्मेदार बस सर्वे में लीन

Wed, 15 Jun 2022 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2022 11:36 PM IST
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Nazul's land is getting lost, responsibles are busy in survey
नगर पालिका परिषद सोनभद्र (राबर्ट्सगंज) के गायब हुए खसरा-खतौनी रजिस्टर का चार साल बाद भी पता नहीं चल पाया है। गायब हुए रजिस्टर को लेकर विभागीय जांच के साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी, मगर वर्षों बाद भी न इस रजिस्टर का पता चल सका और न ही नया खसरा ही तैयार हो पाया। गायब रजिस्टर को लेकर जनता के जेहन में कौंधते तमाम सवाल भी अनुत्तरित हैं। उधर, रजिस्टर के अभाव में नगर स्थित नजूल की जमीन भी तेजी से गायब होने लगी है। लोग बेधड़क इस पर कब्जा और खरीद-बेच रहे। अभिलेखों के अभाव में अफसर भी कुछ नहीं कर पा रहे।
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नगर पालिका क्षेत्र के लोगों के जमीन पर कब्जे और उनके मालिकाना हक के प्रमाणीकरण के लिए नगरपालिका के अस्तित्व में आने के पूर्व से ही एक खसरा-खतौनी रजिस्टर बना था। इस रिकार्ड के आधार पर ही जहां लोगों को उनके जमीन की खसरा-खतौनी जारी की जाती थी, वहीं जमीन की खरीद-बिक्री के साथ ही जमीन पर लोन, होम लोन, नक्शा पास कराए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाती थी। हर जमीन की बिक्री के एवज में खरीदार नगर पालिका में एक निश्चित शुल्क जमा कर रसीद भी कटवाता था लेकिन चार वर्ष पूर्व अचानक पूरा का पूरा खसरा-खतौनी रजिस्टर ही गायब हो गया। इस मामले में विभागीय जांच बैठाते हुए एफआईआर भी कराई गई लेकिन रजिस्टर गया कहां, किसने और क्यों गायब किया, इन सवालों का जवाब अब तक सामने नहीं आ पाया है। अब सरकार की सख्ती के बाद प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हुआ है। सरकारी जमीन की खोजबीन शुरू होने के बाद नगर के लोग सकते में हैं। मामला गर्म होने के पीछे की एक अन्य वजह कुछ महीनों बाद होने वाला नगर पालिका का चुनाव भी है। लोगों के जेहन में खसरा रजिस्टर गायब होने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
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नजूल की जमीन का पता लगाने को हो रहा सर्वे
चार वर्ष पहले 2018 में गायब हुए खसरा रजिस्टर के मामले में जिम्मेदार लंबे समय से चुप्पी साधे हुए हैं। नगर पालिका प्रशासन ने खसरा रजिस्टर गायब होने के बाद पालिका क्षेत्र में स्थित नजूल की जमीन की खोज के लिए नए सिरे से सर्वे शुरू करा रहा है लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी सर्वे पूरा नहीं हो सका है। सर्वे के बाद ही पता चल पाएगा कि नगर पालिका की कितनी नजूल की जमीन पर अन्य लोगों का कब्जा है और कितनी जमीन खाली पड़ी है।
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अपनी जमीन ढूंढ रहा डाक विभाग
नगर के मध्य में स्थित मुख्य डाकघर के पास ही डाक विभाग की करीब दो बीघा जमीन थी। इसी जमीन पर प्रधान डाकघर प्रस्तावित था। प्रधान डाकघर बनाने के लिए जमीन की खोज शुरू हुई तो मौके पर सिर्फ सात बिस्वा ही भूमि मिली। शेष जमीन कहां है, इस बारे में जानने के लिए डाक विभाग राजस्व और नगर पालिका से लगातार पत्राचार कर रहा है।
खसरा-खतौनी रजिस्टर तैयार करने के लिए राजस्व विभाग की तरफ से सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा। सारी प्रक्रिया पूरी करते हुए खसरा रजिस्टर बनेगा। - वीरेंद्र कुमार जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद सोनभद्र।

नगर पालिका का खसरा रजिस्टर गायब होने की जानकारी मुझे नहीं है। इस बारे में हम पता लगवाते हैं। जो भी प्रक्रिया उसे पूरा कराकर शीघ्र नया रजिस्टर तैयार कराया जाएगा। - राजेश सिंह, एसडीएम सदर।
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