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आधुनिक तीर-धनुष से साधेंगे मेडल पर निशाना
अमर उजाला संवाददाता। सोनभद्र
Updated Thu, 18 Jun 2015 11:35 PM IST
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नॉर्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर एक कदम और आगे बढ़ाया है। इसके तहत सेवा समर्पण संस्थान चपकी को लगभग साढ़े दस लाख के तीरंदाजी उपकरण प्रदान किए गए।
बुधवार को संस्थान के सदस्यों ने एनसीएल मुख्यालय पहुंचकर महाप्रबंधक (कार्मिक/सीएसआर) एजे रेड्डी से यह उपकरण ग्रहण किया।
एजे रेड्डी ने कहा कि सेवा समर्पण संस्थान आदिवासी युवाओं को तीरंदाजी का प्रशिक्षण प्रदान करता है। यहां के होनहार अंतर्राष्ट्रीय फलक पर भी अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित कर सकें, इसके लिए रिकर्व और कंपाउंड धनुषों के दो-दो सेट और तीर प्रदान किए गए।
इसके अलावा समर्थन संस्थान को भारतीय शैली के 20 धनुष-तीर सेट और तीरंदाजी संबंधित अन्य उपकरण भी प्रदान किया गया।
संस्थान के श्रवण और आनंद ने कहा कि कंपनी के इस प्रयास से उनके यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे लगभग 25 आदिवासी युवाओं को तीरंदाजी के नवीनतम उपकरणों के जरिए अपनी प्रतिभा निखारने में मदद मिलेगी।
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बता दें कि संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त खिलाड़ियों ने कई जूनियर राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है और मेडल जीते हैं।
इस मौके पर एनसीएल के महाप्रबंधक (सीएसआर), सहायक प्रबंधक (सीएसआर) शरद कुमार, भूपेश चौबे आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को संस्थान के सदस्यों ने एनसीएल मुख्यालय पहुंचकर महाप्रबंधक (कार्मिक/सीएसआर) एजे रेड्डी से यह उपकरण ग्रहण किया।
एजे रेड्डी ने कहा कि सेवा समर्पण संस्थान आदिवासी युवाओं को तीरंदाजी का प्रशिक्षण प्रदान करता है। यहां के होनहार अंतर्राष्ट्रीय फलक पर भी अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित कर सकें, इसके लिए रिकर्व और कंपाउंड धनुषों के दो-दो सेट और तीर प्रदान किए गए।
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इसके अलावा समर्थन संस्थान को भारतीय शैली के 20 धनुष-तीर सेट और तीरंदाजी संबंधित अन्य उपकरण भी प्रदान किया गया।
संस्थान के श्रवण और आनंद ने कहा कि कंपनी के इस प्रयास से उनके यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे लगभग 25 आदिवासी युवाओं को तीरंदाजी के नवीनतम उपकरणों के जरिए अपनी प्रतिभा निखारने में मदद मिलेगी।
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बता दें कि संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त खिलाड़ियों ने कई जूनियर राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है और मेडल जीते हैं।
इस मौके पर एनसीएल के महाप्रबंधक (सीएसआर), सहायक प्रबंधक (सीएसआर) शरद कुमार, भूपेश चौबे आदि मौजूद रहे।