फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Middlemen mislead patients admitted in hospitals and take them to private centres

Sonebhadra News: अस्पतालों में भर्ती मरीजों को बहका कर निजी केंद्रों पर ले जाते हैं बिचौलिये

Wed, 10 Sep 2025 02:01 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 02:01 AM IST
विज्ञापन
Middlemen mislead patients admitted in hospitals and take them to private centres
सोनभद्र। जिले में मानक विहीन निजी अस्पतालों के फलने-फूलने की बड़ी वजह सरकारी अस्पतालों की बदहाली भी है। अस्पतालों में कहीं डॉक्टर नहीं हैं तो कहीं, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाओं का अभाव है। मरीजों को ज्यादातर जांच बाहर ही करानी पड़ती है। बिचौलिए इसका लाभ उठाकर मरीजों निजी अस्पताल और पैथालॉजी में पहुंचा रहे हैं। अच्छी सुविधा के झांसे में मरीज शोषण का शिकार हो रहे हैं, जबकि निजी केंद्रों के संचालक धंधा चमका रहे हैं।
विज्ञापन

जिले के सरकारी अस्पतालों में बिचौलियों का गिरोह सक्रिय है। वह इमरजेंसी से लेकर ओपीडी में आने वाले मरीजों को गुमराह कर निजी अस्पतालों में ले जाते हैं। वह खुद कमीशन लेते हैं और फिर कुछ निजी अस्पताल संचालक मनमाना बिल बनाकर मरीज और उनके तीमारदारों की जेब खाली कर देते हैं। जिले में लगातार इस तरह के मामले सामने आने के बावजूद बिचौलियों को चिह्नित करने में स्वास्थ्य महकमा नाकाम है। अकेले मेडिकल काॅलेज के परिसर में संचालित तीन अस्पतालों में हर दिन एक से डेढ़ हजार मरीज आते हैं। पहले ओपीडी में पर्चा कटवाते हैं, फिर वह वार्ड में डॉक्टर को दिखाने पहुंचते हैं। तो कुछ को चिकित्सक भर्ती कर ऑपरेशन की सलाह देते हैं। इसी बीच बिचौलिए इलाज न मिलने का झांसा देते हैं। कहते हैं कि इमरजेंसी में जगह नहीं है। निजी अस्पताल में ही सस्ता इलाज मिल जाएगा। अस्पताल में आईसीयू नहीं हैं। पैथालॉजी जांच में समय लगेगा। जैसे ही मरीज व तीमारदार झांसे में फंसते हैं, वैसे ही बिचौलिया उन्हें उरमौरा, राॅबर्ट्सगंज, छपका, चंडी होटल सहित अन्य स्थानों पर निजी अस्पतालों में ले जाते हैं। जब मरीजों को पता चलता है कि गलत फंस गए हैं, तब तक देर हो जाती है। अच्छा इलाज भी नहीं मिल पाता और जेब भी खाली हो जाती है।
विज्ञापन

----
गेट पर खड़ी रहती हैं एबुंलेंस
मेडिकल काॅलेज अस्पताल के आस-पास बिचौलियों का मजबूत गठजोड़ है। अस्पताल के अलग-अलग क्षेत्रों में जो गिरोह सक्रिय है, उसमें किशोर, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हैं। महिलाएं एमसीएच विंग के आसपास मंडराती हैं। वह भर्ती महिलाओं व ओपीडी में दिखाने वाली महिलाओं को जाल में फंसाकर निजी अस्पताल ले जाती हैं। आए दिन मरीज माफिया अस्पताल में भर्ती मरीजों को झांसा देकर निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी में ले जाते हैं। इसके लिए अस्पताल के आस-पास पहले से ही एंबुलेंस खड़ी होती है। जैसे ही मरीज तैयार होता है। उसे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा जाता है। पूर्व में कई दलाल मरीज को बाहर ले जाते हुए पकड़े भी जा चुके हैं। मगर ज्यादातर मामलों में कार्रवाई शांतिभंग तक सीमित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
पिछले दिनों ये मामले सामने आए...
केस एक:
मरीज को लेकर दो गुटों में मारपीट
कुछ माह पूर्व जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज को दो अस्पतालों के लोग अपने झांसे में लेने पहुंचे थे। जिसके बाद दोनों गुटों में विवाद हो गया था। इसे लेकर जारी खींचतान के बीच दो गुटों में जमकर मारपीट हुई थी। सिर में गंभीर चोटें भी आई थी। मामला पुलिस तक भी पहुंचा था।
----
केस: 2
जिला अस्पताल से निजी अस्पताल पहुंची थी मृतका
कुछ माह पूर्व म्योरपुर थाना क्षेत्र के पड़री के खंता टोले की एक गर्भवती महिला की आपरेशन के बाद राॅबर्ट्सगंज के निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। मृतका के पति सुरेंद्र ने बताया था कि उसे पहले म्योरपुर सीएचसी में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने खून की कमी बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से भी बीएचयू रेफर कर दिया गया। उसी दौरान जिला अस्पताल में मिली एक महिला उसे गुमराह कर निजी अस्पताल में ले गई थी। तीन यूनिट खून का 17 हजार रुपये प्रति यूनिट की दर से चार्ज किया। आपरेशन के बाद उसकी मौत हो गई।

----
केस तीन::
बिचौलिया ले जा रहा था बनारस, गई पांच जिंदगी
अप्रैल माह में लोढ़ी स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती गर्भवती को बिचौलिए मिले। गर्भवती महिला के परिवार के तीन सदस्य एंबुलेंस में बैठे थे। एंबुलेंस चालक अपने एक साथी के साथ सभी को लेकर बनारस अस्पताल जा रहा था। इसी बीच गिट्टी लोड कर वाराणसी की ओर तेज रफ्तार से जा रहा ट्रक ने अहरौरा में ओवर ब्रिज के पास एंबुलेंस के ऊपर पलट गया। हादसे में एंबुलेंस सवार गर्भवती महिला हीरावती देवी (25), पेट में पल रहे मासूम सहित तीन अन्य की मौत हो गई थी।
----
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed