{"_id":"5ec6a3748ebc3e90393c1223","slug":"memorandum-submitted-to-dc-mnrega-for-payment-of-wages-sonbhadra-news-vns5259502173","type":"story","status":"publish","title_hn":"मजदूरी भुगतान के लिए डीसी मनरेगा को सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मजदूरी भुगतान के लिए डीसी मनरेगा को सौंपा ज्ञापन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। लॉकडाउन में एक माह तक काम करने के बावजूद मजदूरी भुगतान नहीं होने से नाराज चतरा ब्लॉक के बिरधी गांव के मनरेगा मजदूरों ने बृहस्पतिवार को विकास भवन पहुंच कर डीसी मनरेगा को ज्ञापन सौंपा। मजदूरों का कहना है कि मजदूरी नहीं मिलने से वे घर गृहस्थी का सामान नहीं ले पा रहे हैं। वहीं डीसी मनरेगा ने शीघ्र मजदूरी भुगतान करने का आश्वासन दिया।
सुबह आठ बजे बिरधी गांव से श्रमिक पैदल कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए। यहां करीब पौने 11 बजे श्रमिक फावड़ा, तगाड़ी आदि लेकर लेकर पहुंचे। लेकिन कलेक्ट्रेट के प्रवेश द्वार पर तैनात पुलिसकर्मी श्रमिकों को अंदर प्रवेश करने से रोक दिया। इस नाते मजदूर डीएम से मिलकर समस्याएं नहीं सुना सकें। इसके बाद श्रमिक विकास भवन पहुंच डीसी मनरेगा को डीएम के नाम मांगपत्र सौंप कर तत्काल बकाया मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की। श्रमिकों ने कहा मनरेगा केतहत उन लोगों ने तालाब की खुदाई का कार्य किया है। एक माह बीतने केबाद भी किसी भी श्रमिक को मजदूरी नहीं मिली है। इस नाते रोजमर्रा की सामानों की खरीददारी नहीं कर पा रहे हैं। दुकानदार भी अब उधार सामान देने से इंकार करने लगे है। आरोप लगाया कि जो व्यक्ति काम तक नहीं करता उसके खाते में अवैध तरीके से कई बार रुपये डाला जाता है। इसकी जांच होने चाहिए। मांगपत्र देने में सुनीता, अनीता, सावित्री, पार्वती, कलावती, फूलवंती, शीला, तेतरी, मीना देवी, जग नारायण, रामा सिंह, हरि सिंह, अर्जुन सिंह, जोखन सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सुबह आठ बजे बिरधी गांव से श्रमिक पैदल कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए। यहां करीब पौने 11 बजे श्रमिक फावड़ा, तगाड़ी आदि लेकर लेकर पहुंचे। लेकिन कलेक्ट्रेट के प्रवेश द्वार पर तैनात पुलिसकर्मी श्रमिकों को अंदर प्रवेश करने से रोक दिया। इस नाते मजदूर डीएम से मिलकर समस्याएं नहीं सुना सकें। इसके बाद श्रमिक विकास भवन पहुंच डीसी मनरेगा को डीएम के नाम मांगपत्र सौंप कर तत्काल बकाया मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की। श्रमिकों ने कहा मनरेगा केतहत उन लोगों ने तालाब की खुदाई का कार्य किया है। एक माह बीतने केबाद भी किसी भी श्रमिक को मजदूरी नहीं मिली है। इस नाते रोजमर्रा की सामानों की खरीददारी नहीं कर पा रहे हैं। दुकानदार भी अब उधार सामान देने से इंकार करने लगे है। आरोप लगाया कि जो व्यक्ति काम तक नहीं करता उसके खाते में अवैध तरीके से कई बार रुपये डाला जाता है। इसकी जांच होने चाहिए। मांगपत्र देने में सुनीता, अनीता, सावित्री, पार्वती, कलावती, फूलवंती, शीला, तेतरी, मीना देवी, जग नारायण, रामा सिंह, हरि सिंह, अर्जुन सिंह, जोखन सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन