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करवा चौथ आज महिलाओं ने की खरीदारी
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Thu, 29 Oct 2015 11:15 PM IST
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कार्तिक मास की चतुर्थी तिथि शुक्रवार को सुहागन महिलाएं पति की दीर्घायु और मंगल कामना के लिए करवा चौथ का व्रत रखेंगी। महिलाओं ने राबर्ट्सगंज मेन चौक स्थित शीतला मंदिर के पास व्रत के पूजन की सामग्रियों की खरीददारी की।
मान्यता है कि करवा चौथ व्रत सुहागन महिलाएं पति की दीर्घायु और परिवार की मंगल कामना के लिए रखतीं हैं।
निराहार रहकर रात में चंद्रोदय के बाद चंद्रमा और पति को छलनी से देखने के बाद पति के हाथों स्वादिष्ट व्यंजन खाकर व्रत को तोड़ती हैं। इस व्रत के लिए दो करवा, चार सींक, फल-फूल, अगरबत्ती, धूप बत्ती, लड्डू, स्वादिष्ट व्यंजन, पूआ, गुछिया आदि चढ़ा कर पूजन-अर्चन किया जाता है। जब तक चंद्रोदय न हो जाए उसके पहले एक बूंद जल भी सुहागन व्रती महिलाएं नहीं ग्रहण कर सकती।
व्रत की कथा में कहा गया है कि एक बार भाईयों ने अपनी बहन को भूखा-प्यासा देखकर उसे प्रेम की वजह से झूठे ही पेड़ की आंड़ में आग जलाकर चंद्रमा दिखाकर व्रत को तुड़वा दिया। इसका नतीजा हुआ कि उसका पति बीमार हो गया। चोपन, बभनी, डाला, दुद्धी, ओबरा, खलियारी, रामगढ़, करमा, केकराही, सलखन, चुर्क, विंढमगंज, कोन, रेणुकूट, म्योरपुर में गुरुवार को सुहागन महिलाओं ने खरीददारी की।
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मान्यता है कि करवा चौथ व्रत सुहागन महिलाएं पति की दीर्घायु और परिवार की मंगल कामना के लिए रखतीं हैं।
निराहार रहकर रात में चंद्रोदय के बाद चंद्रमा और पति को छलनी से देखने के बाद पति के हाथों स्वादिष्ट व्यंजन खाकर व्रत को तोड़ती हैं। इस व्रत के लिए दो करवा, चार सींक, फल-फूल, अगरबत्ती, धूप बत्ती, लड्डू, स्वादिष्ट व्यंजन, पूआ, गुछिया आदि चढ़ा कर पूजन-अर्चन किया जाता है। जब तक चंद्रोदय न हो जाए उसके पहले एक बूंद जल भी सुहागन व्रती महिलाएं नहीं ग्रहण कर सकती।
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व्रत की कथा में कहा गया है कि एक बार भाईयों ने अपनी बहन को भूखा-प्यासा देखकर उसे प्रेम की वजह से झूठे ही पेड़ की आंड़ में आग जलाकर चंद्रमा दिखाकर व्रत को तुड़वा दिया। इसका नतीजा हुआ कि उसका पति बीमार हो गया। चोपन, बभनी, डाला, दुद्धी, ओबरा, खलियारी, रामगढ़, करमा, केकराही, सलखन, चुर्क, विंढमगंज, कोन, रेणुकूट, म्योरपुर में गुरुवार को सुहागन महिलाओं ने खरीददारी की।
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