UP News: डाॅक्टर न मिलें तो कर दें एफआईआर...स्वास्थ्य समिति ने दिए निर्देश, निजी अस्पतालों का बनेगा रोस्टर
सोनभद्र में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक हुई। इसमें स्वास्थ्य महकमे के विभिन्न मसलों पर चर्चा हुई। निजी अस्पतालों में चल रही लापरवाही को लेकर समिति के लोगों ने सख्त रवैया अपनाया है।
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जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इस दौरान डीएम ने जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्राप्त होने वाली धनराशि का भुगतान निर्धारित समयावधि में करने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं का प्रसव चिकित्सालयों में सुनिश्चित कराने को कहा।
डीएम बद्रीनाथ सिंह ने जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत भुगतान एवं टीकाकरण के प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जननी सुरक्षा के अंतर्गत प्रसव के उपरांत महिलाओं का भुगतान समय से सुनिश्चित करने को कहा। इसमें किसी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं का प्रसव पीएचसी-सीएचसी और अस्पतालों में ही की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि गर्भवती महिलाओं का प्रसव घर पर न होने पाए, इसके लिए उन्हें जागरूक किया जाए। घर पर प्रसव होने पर अनेक प्रकार की समस्याएं होने की संभावनाएं बनी रहती है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में आयुष, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक चिकित्सा विधि से लोगों को क्या-क्या लाभ होते हैं और किन-किन बीमारियों का बेहतर इलाज होता है। इसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर कैंप लगाकर जन मानस के बीच में किया जाए। आयुर्वेदिक-आयुष चिकित्सालयों के पास हर्बल गार्डेन स्थापित किया जाए।
समीक्षा के दौरान निजी चिकित्सालयों के नोडल अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राइवेट अस्पतालों का रोस्टर बनाकर निरीक्षण किया जाए और उसकी मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जिन अस्पतालों में मौके पर डाॅक्टर उपलब्ध न हो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय, सीएचसी-पीएचसी पर मरीजों को दवा अस्पताल परिसर से उपलब्ध कराई जाए। बाहर की दवा मरीजों को न लिखी जाए।
उन्होंने कहा कि आरबीएसके टीम के भ्रमण की माॅनिटरिंग नियमित रूप से की जाए। सीएचसी व पीएचसी पर रैंडम आधार पर निरीक्षण किया जाए। बैठक में सीडीओ जागृति अवस्थी, सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार, डीपीआरओ नमिता शरण, डीपीओ विनीत सिंह, बीएसए मुकुल आनंद पांडेय, एडीआईओ विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।