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श्रमिक महासंघों की हड़ताल आज से
संवाददाता अमर उजाला सोनभद्र
Updated Mon, 05 Jan 2015 11:24 PM IST
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कोल उद्योग को लेकर केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित विनिवेश बिल के विरोध में श्रमिक महासंघों ने निर्णायक लड़ाई छेड़ दी है।
मंगलवार से शुरू होने वाली पांच दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए सोमवार को पूरे दिन कोयला कामगारों से संपर्क का अभियान चलता रहा।
शाम को सभी परियोजनाओं में मशाल जुलूस निकालकर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की गई। उधर, इस हड़ताल के चलते मंगलवार की सुबह चार बजे से परियोजनाओं में कोयला उत्पादन और डिस्पैचिंग का काम प्रभावित होना शुरू हो जाएगा। इससे कोल इंडिया के शेयर पर भी असर पड़ने की पूरी संभावना है।
भारतीय मजदूर संघ कोल फेडरेशन के संयुक्त महामंत्री वाईएन सिंह ने कहा कि सरकार विनिवेश बिल के जरिए छह माह के भीतर पूरे कोल उद्योग का निजीकरण करने का कुचक्र रच रही है।
एटक के अशोक दुबे, एचएमएस के अशोक पांडेय, सीटू के पीएस पांडेय ने कहा कि प्रस्तावित बिल में मजदूरों के लिए किसी तरह के वेज का भी निर्धारण नहीं किया गया है।
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जबकि नेशनल कोल वेज एग्रीमेंट के तहत यह होना चाहिए था। संयुक्त श्रमिक संगठन के पीके सिंह ने कहा कि ऐसा न होने से कोल इंडिया और उसके संघटकों को निजी क्षेत्र से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ेगी, जिसके चलते सार्वजनिक क्षेत्र का अस्तित्व ही संकट में आ गया है।
बीएमएस के सुरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि हड़ताल को टालने के लिए दिल्ली में कोयला मंत्री ने तीन जनवरी को श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी, जिसका बहिष्कार कर दिया गया।
दावा किया कि हड़ताल का असर कोल इंडिया के आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफर) के साथ ही, शेयर बाजार पर भी पड़ेगा। उधर, शाम को सिंगरौली मुख्यालय पर पीके सिंह, केपी शर्मा, केपी विश्वकर्मा, पीके पांडेय, आरके तिवारी, भोलानाथ भारती, यूके मिश्रा, संजय मिश्रा, बब्बन सिंह, बृजमोहन प्रसाद की मौजूदगी में मशाल जुलूस निकाला गया।
इसी तरह निगाही में आरके पांडेय, तीजूलाल मराबी, क्यू रिजवी, झिंगुरदा में एसएम शुक्ला, डीएन सिंह, संतोष सिंह, एसएन सिंह, आईपी पांडेय, अमलोरी में वाईएन सिंह,
मुन्नीलाल यादव, जयंत में क्षेत्रीय अध्यक्ष घनश्याम चतुर्वेदी, केसी अवस्थी, खड़िया में ईश्वरलाल आदि की मौजूदगी में मशाल जुलूस निकाल हड़ताल को सफल बनाने की अपील की गई।
उधर, मशाल जुलूस के दौरान ककरी में महामंत्री एनके सिंह, राजेश सिंह, शिवमुनि सिंह, राधेश्याम सिंह, आरएन शर्मा, भगवान शाह, बीना में अजय कुमार, इंद्रजीत पांडेय, मनोज सिंह, संजीव सिंह, एसएन पांडेय, कृष्णशिला में संजीव कौशल, केडी तिवारी आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार से शुरू होने वाली पांच दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए सोमवार को पूरे दिन कोयला कामगारों से संपर्क का अभियान चलता रहा।
शाम को सभी परियोजनाओं में मशाल जुलूस निकालकर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की गई। उधर, इस हड़ताल के चलते मंगलवार की सुबह चार बजे से परियोजनाओं में कोयला उत्पादन और डिस्पैचिंग का काम प्रभावित होना शुरू हो जाएगा। इससे कोल इंडिया के शेयर पर भी असर पड़ने की पूरी संभावना है।
भारतीय मजदूर संघ कोल फेडरेशन के संयुक्त महामंत्री वाईएन सिंह ने कहा कि सरकार विनिवेश बिल के जरिए छह माह के भीतर पूरे कोल उद्योग का निजीकरण करने का कुचक्र रच रही है।
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एटक के अशोक दुबे, एचएमएस के अशोक पांडेय, सीटू के पीएस पांडेय ने कहा कि प्रस्तावित बिल में मजदूरों के लिए किसी तरह के वेज का भी निर्धारण नहीं किया गया है।
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जबकि नेशनल कोल वेज एग्रीमेंट के तहत यह होना चाहिए था। संयुक्त श्रमिक संगठन के पीके सिंह ने कहा कि ऐसा न होने से कोल इंडिया और उसके संघटकों को निजी क्षेत्र से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ेगी, जिसके चलते सार्वजनिक क्षेत्र का अस्तित्व ही संकट में आ गया है।
बीएमएस के सुरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि हड़ताल को टालने के लिए दिल्ली में कोयला मंत्री ने तीन जनवरी को श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी, जिसका बहिष्कार कर दिया गया।
दावा किया कि हड़ताल का असर कोल इंडिया के आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफर) के साथ ही, शेयर बाजार पर भी पड़ेगा। उधर, शाम को सिंगरौली मुख्यालय पर पीके सिंह, केपी शर्मा, केपी विश्वकर्मा, पीके पांडेय, आरके तिवारी, भोलानाथ भारती, यूके मिश्रा, संजय मिश्रा, बब्बन सिंह, बृजमोहन प्रसाद की मौजूदगी में मशाल जुलूस निकाला गया।
इसी तरह निगाही में आरके पांडेय, तीजूलाल मराबी, क्यू रिजवी, झिंगुरदा में एसएम शुक्ला, डीएन सिंह, संतोष सिंह, एसएन सिंह, आईपी पांडेय, अमलोरी में वाईएन सिंह,
मुन्नीलाल यादव, जयंत में क्षेत्रीय अध्यक्ष घनश्याम चतुर्वेदी, केसी अवस्थी, खड़िया में ईश्वरलाल आदि की मौजूदगी में मशाल जुलूस निकाल हड़ताल को सफल बनाने की अपील की गई।
उधर, मशाल जुलूस के दौरान ककरी में महामंत्री एनके सिंह, राजेश सिंह, शिवमुनि सिंह, राधेश्याम सिंह, आरएन शर्मा, भगवान शाह, बीना में अजय कुमार, इंद्रजीत पांडेय, मनोज सिंह, संजीव सिंह, एसएन पांडेय, कृष्णशिला में संजीव कौशल, केडी तिवारी आदि मौजूद रहे।