सोनभद्र। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा राबर्ट्सगंज में मंगलवार को खालसा जन्मोत्सव समारोह (बैसाखी) श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। गुरुद्वारा को फूल माला आदि से सजाया गया। प्रात: अखंड पाठ की समाप्ति के बाद भाई हरमीत सिंह व दया सिंह ने भजन कीर्तन गायन किया। अहरौरा से आए भाई जीत सिंह व साथियों ने भजन कीर्तन व गुरु का इतिहास सुनाया।
जम्मू से कथा प्रचारक भाई हरविंदर सिंह ने कथा के द्वारा बैसाखी के बारे अपने विचारों को प्रकट किया। इस अवसर पर अध्यक्ष जसवीर सिंह ने बताया कि इस समय नई फसल घर पर आती है। किसान अपनी फसल को देखकर खुश होते हैं तो ईश्वर को धन्यवाद देते हैं। इसी दिन वर्ष 1919 में अमृतसर के जलियावाला बाग में शांति पूर्वक आयोजन करने पर सिखों पर जर्नल ओडवायर ने गोलियां चलवाई। इसमें करीब 800 लोगों की जान गई और बहुत सारे लोग घायल हुए थे। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आज ही के दिन सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने आनंदपुर साहब में खालसा पंथ की स्थापना की। सहमी हुई सोई हुई जनता के अंदर वीरता व साहस पैदा किया। उनको अमृत संचार कराकर उनके डर को समाप्त किया तथा उन्होंने यह भी कहा चिड़ियों से मैं बाज लडाऊं, गीदड़ों को मैं शेर बनाऊ, सवा लाख से एक लडाऊं तभी गोविंद सिंह नाम कहाउँ। इसके बाद कार्यक्रम की समाप्ति व प्रसाद वितरण व अटूट लंगर हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सचिव रंजीत सिंह, कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, उपसचिव बलकार सिंह, उपकोषाध्यक्ष बलविंदर सिंह, तजिंदर पाल सिंह, अजीत सिंह, कमलेश सिंह, मनजीत सिंह, अर्जुन सिंह, पारब्रह्म सिंह, मनमीत सिंह, रविंदर सिंह आदि उपस्थित रहे।