छह माह में इंसाफ: 9वीं की छात्रा से छेड़खानी कर देते थे तेजाब से चेहरा जलाने की धमकी, कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा
सोनभद्र निवासी किशोरी से छेड़खानी और तेजाब से चेहरा जलाने की धमकी के सनसनीखेज मामले में इंसाफ के लिए तारीख पर तारीख का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। सुनवाई शुरू होने के छह महीने बाद ही आरोपी युवकों को पॉक्सो कोर्ट ने दोषी करार दिया। गुरुवार को दोषियों को कड़ी सजा सुनाई गई।
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छह माह पहले हुई किशोरी के साथ छेड़छाड़ एवं तेजाब छिड़ककर चेहरा खराब करने की धमकी देने के मामले में कोर्ट ने चार दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निहारिका चौहान की अदालत ने दोषियों पर 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर चार- चार माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक सोनभद्र जिले के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 22 सितंबर 2022 को दुद्धी कोतवाली में तहरीर दी। अवगत कराया था कि 21 सितंबर की अपराह्न दिघुल गांव निवासी अजीमुद्दीन, रुस्तम, सोहराब और वसीम बाइक से उसके घर के सामने आए और हॉर्न बजाने लगे।
घर के बाहर बाइक लगाकर पुकारते थे छात्रा का नाम
जब उसकी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो कक्षा-9 में पढ़ने वाली उसकी बेटी का नाम लेकर बुलाने लगे। जब हमलोग घर से बाहर निकले तो आरोपी यह धमकी देते हुए फरार हो गए कि वह उसकी बेटी को उठा ले जाएंगे।
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जब बेटी से पूछा गया तो वह रोने लगी और बताई कि जब वह स्कूल जाती है तो सभी मिलकर उसे परेशान करते हैं। उसके साथ छेड़छाड़ भी करते हैं। कई बार उनके भय से स्कूल भी नहीं जा रही थी। शर्म की वजह से यह बात नहीं बता रही थी। इतना ही नहीं ये लोग यह भी धमकी दे रहे थे कि अगर किसी से बताओगी तो तेजाब छिड़क कर चेहरा खराब कर देंगे।
इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना किया और न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोष सिद्ध पाकर चारों दोषियों अजमेरुद्दीन, रुस्तम, सोहराब व वसीम को पांच- पांच वर्ष की कैद एवं 12- 12 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड न देने पर 4- 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।