लगातार बारिश से नालों में आए उफान का असर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ता जा रहा है। उफनाते नालों ने रेणुकापार क्षेत्र में कई संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचाया है। ग्राम पंचायत जुगैल के झरइल नाले ने जुगैल-बेलगड़ी मार्ग को बहा दिया है। इसके कारण बेलगड़ी, पटवा, चाड़म, झरइल, गर्दा, पुशरेंव आदि टोलों का संपर्क कट पंचायत कार्यालय से कट गया है। जुगैल की ग्राम प्रधान सुनीता यादव द्वारा जेसीबी मशीन से मिटटी काटकर वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था की गयी है, लेकिन बारिश होने पर आवागमन पूरी तरह ठप हो जा रहा है। इसके अलावा भरहरी के परेवा नाले और चकरिया नाले पर भी रपटों के ऊपर से पानी जा रहा है। परेवा नाला के बढ़ने के कारण सीमावर्ती घोघरा, शिवपुरवा, कुशही, चितरंगी, कैथानी, देवरा, रतन पुरवा, चितावल, मिश्रगवा, मौहरिया, पनुवाड सहित दो दर्जन से ज्यादा टोलों का संपर्क कट गया है। परेवा नाले के बढ़ने पर मध्य प्रदेश से भी संपर्क कट जा रहा है। परेवा नाले पर पुल वर्ष 2018 में टूट गया था। पिछले तीन वर्ष से इस पुल के निर्माण के लिए जिला प्रशासन की ओर से कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा जुगैल के पियरी और डेगरह्वा नाला, पनारी के जुर्रा नाले में भी अचानक छह फीट से ज्यादा पानी आ जा रहा है। पनारी के ही अदरकुदर से चोरपानिया जाने वाले मार्ग में चालाकी नाले ने भी परेशानी बढ़ा दी है।