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बौद्धिक क्षमता आंकने को हुई परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Tue, 08 Dec 2015 11:32 PM IST
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ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) के तहत एएनएम कार्यकर्ताओं का तीन दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार से मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में शुरू हो गया। इसमें प्रथम बैच में घोरावल ब्लाक की 30 एएनएम ने हिस्सा लिया। इसमें उन्हें बाल और मातृ स्वास्थ्य पर अहम जानकारियां दी गईं। उनकी बौद्धिक क्षमता परीक्षा भी ली गई।
सीएमओ कार्यालय सभागार में प्रशिक्षण की शुरूआत मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. यूके वर्मा ने की। उन्होंने एएनएम कार्यकर्ताओं को पोषण, मातृ स्वास्थ्य, नवजात एवं बाल स्वास्थ्य, किशोर-किशोरी स्वास्थ्य, परिवार नियोजन आदि के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के सफल संचालन में एएनएम कार्यकर्ताओं का अहम रोल है। गांवों में गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करने से लेकर उनके प्रसव, नवजातों के स्वास्थ्य आदि को लेकर कार्यकर्ताओं को अलर्ट रहना चाहिए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोषण कार्यक्रम के तहत चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.
बीके अग्रवाल ने एएनएम कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया। बताया कि एएनएम उप स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण, प्रसव से लेकर पोषण तक का कार्य कराती हैं। उन्हें इस पर गंभीर होकर कार्य करना चाहिए ताकि कुपोषण से निजात दिलाई जा सके। उन्होंने इस दौरान एएनएम कार्यकर्ताओं की बौद्धिक क्षमता आंकने के लिए लिखित परीक्षा भी ली। इसके लिए विशेष रूप से प्रश्न पत्र तैयार किया गया था जिसमें कुल 20 प्रश्न थे। अपर सीएमओ डॉ. गणेश प्रसाद, नसीम आदि रहे।
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सीएमओ कार्यालय सभागार में प्रशिक्षण की शुरूआत मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. यूके वर्मा ने की। उन्होंने एएनएम कार्यकर्ताओं को पोषण, मातृ स्वास्थ्य, नवजात एवं बाल स्वास्थ्य, किशोर-किशोरी स्वास्थ्य, परिवार नियोजन आदि के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के सफल संचालन में एएनएम कार्यकर्ताओं का अहम रोल है। गांवों में गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करने से लेकर उनके प्रसव, नवजातों के स्वास्थ्य आदि को लेकर कार्यकर्ताओं को अलर्ट रहना चाहिए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोषण कार्यक्रम के तहत चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.
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बीके अग्रवाल ने एएनएम कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया। बताया कि एएनएम उप स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण, प्रसव से लेकर पोषण तक का कार्य कराती हैं। उन्हें इस पर गंभीर होकर कार्य करना चाहिए ताकि कुपोषण से निजात दिलाई जा सके। उन्होंने इस दौरान एएनएम कार्यकर्ताओं की बौद्धिक क्षमता आंकने के लिए लिखित परीक्षा भी ली। इसके लिए विशेष रूप से प्रश्न पत्र तैयार किया गया था जिसमें कुल 20 प्रश्न थे। अपर सीएमओ डॉ. गणेश प्रसाद, नसीम आदि रहे।
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