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मुख्य सेविका के विषाक्त पदार्थ खाने की सूचना से कलेक्ट्रेट में मचा हड़कंप
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सोनभद्र। कलेक्ट्रेट परिसर में वृहस्पतिवार को उस समय हंगामा मच गया जब अधिकारियों को यह पता चला कि अपने पति के साथ वहां पहुंची मुख्य सेविका ने दावा किया कि उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया है। सुरक्षाकर्मियों ने इस मामले से डीएम एस राजलिंगम को अवगत कराया। डीएम ने तत्काल महिला से मुलाकात कर अपने स्कोर्ट के वाहन जिला अस्पताल भेजवाया। जहां महिला का इलाज चल रहा है।
बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में डीएम अपने कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। इसी बीच घोरावल ब्लाक में तैनात एक मुख्य सेविका अपने पति के साथ पहुंची और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों से बोली कि वह डीएम से मिलना चाह रही है। उसने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया है। विषाक्त पदार्थ का सेवन करने की जानकारी मिलते ही सुरक्षाक र्मी हरकत में आ गए और तुरंत इसकी सूचना डीएम को दी। डीएम ने मुख्य सेविका से मुलाकात की और उसे स्कोर्ट के वाहन से जिला अस्पताल भेजवाया। मुख्य सेविका का आरोप था कि जिला कार्यक्रम अधिकारी उसका लगातार मानसिक रूप से उत्पीड़न कर रहे हैं। महिला ने अधिकारी पर रुपये मांगने का आरोप भी लगाया। विवश होकर उसने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया है।
उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह का कहना है कि मुख्य सेविका की तरफ से उन पर लगाया गया आरोप निराधार है। कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तरफ से शिकायत की गई थी कि मुख्य सेविका अनधिकृत रूप से धनउगाही कर रही हैं। इस मामले की जांच की जा रही है। उस जांच के संबंध में बीते मंगलवार को अपने पति के साथ मुख्य सेविका उनके कार्यालय भी आई थी। उस दौरान उन्होंने जांच रिपोर्ट के आधार पर कोई कदम उठाने का भरोसा दिया था। जांच को प्रभावित करने के लिए मुख्य सेविका विषाक्त पदार्थ के सेवन करने का झूठा उपक्रम किया गया है। उधर, सीएमएम डा.पीवी गौतम का कहना है कि मुख्य सेविका का विधिवत चिकित्सकीय परीक्षण किया गया है। विषाक्त पदार्थ के सेवन से संबंधित कोई लक्षण नहीं मिला है। इस संबंध में जिलाधिकारी एस राजलिंगम का कहना है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी को इस मामले की रिपोर्ट देेने को कहा गया है। सीएमएस और डीपीओ की रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में डीएम अपने कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। इसी बीच घोरावल ब्लाक में तैनात एक मुख्य सेविका अपने पति के साथ पहुंची और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों से बोली कि वह डीएम से मिलना चाह रही है। उसने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया है। विषाक्त पदार्थ का सेवन करने की जानकारी मिलते ही सुरक्षाक र्मी हरकत में आ गए और तुरंत इसकी सूचना डीएम को दी। डीएम ने मुख्य सेविका से मुलाकात की और उसे स्कोर्ट के वाहन से जिला अस्पताल भेजवाया। मुख्य सेविका का आरोप था कि जिला कार्यक्रम अधिकारी उसका लगातार मानसिक रूप से उत्पीड़न कर रहे हैं। महिला ने अधिकारी पर रुपये मांगने का आरोप भी लगाया। विवश होकर उसने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया है।
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उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह का कहना है कि मुख्य सेविका की तरफ से उन पर लगाया गया आरोप निराधार है। कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तरफ से शिकायत की गई थी कि मुख्य सेविका अनधिकृत रूप से धनउगाही कर रही हैं। इस मामले की जांच की जा रही है। उस जांच के संबंध में बीते मंगलवार को अपने पति के साथ मुख्य सेविका उनके कार्यालय भी आई थी। उस दौरान उन्होंने जांच रिपोर्ट के आधार पर कोई कदम उठाने का भरोसा दिया था। जांच को प्रभावित करने के लिए मुख्य सेविका विषाक्त पदार्थ के सेवन करने का झूठा उपक्रम किया गया है। उधर, सीएमएम डा.पीवी गौतम का कहना है कि मुख्य सेविका का विधिवत चिकित्सकीय परीक्षण किया गया है। विषाक्त पदार्थ के सेवन से संबंधित कोई लक्षण नहीं मिला है। इस संबंध में जिलाधिकारी एस राजलिंगम का कहना है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी को इस मामले की रिपोर्ट देेने को कहा गया है। सीएमएस और डीपीओ की रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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