सोनभद्र। सीएसआर के तहत जिले में स्थापित औद्योगिक इकाईयां अपने उत्पादन एरिया से हटकर जिले के अन्य दुरूह क्षेत्रों में नागरिकों को सहूलियत मुहैया कराएं। तभी सीएसआर की सार्थकता सिद्ध होगी। औद्योगिक इकाईयां सीएसआर के कार्यों को समयबद्ध तरीके से अपना दायित्व समझते हुए पूरा करें। ये बातें जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सीएसआर की समीक्षा बैठक में कहीं।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के संबंध में प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुरूप मानकों को पूरा करने के निर्देश औद्योगिक ईकाइयों को देते हुए कहा कि हर हाल में पर्यावरण के संरक्षण के मानकों को पूरा किया जाए। एनजीटी के दिशानिर्देशों का अक्षरश: अनुपालन किया जाए। जो भी आरओ प्लांट, फ्लोराइड रिमूवल प्लांट गांवों में लगाए गए हैं, उनकी नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता को परखें। उसकी मरम्मत का कार्य समय से कराया जाए। डीएम ने जिले में स्थापित औद्योगिक इकाई के प्रतिनिधियों से कहा कि सीएसआर मद से मिलने वाली धनराशि का उपयोग करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, चिकित्सा, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार मुहैया कराए। अपने-अपने निर्धारित मद से जिले के उत्थान के लिए सामाजिक क्षेत्र में बेरोजगारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार के लिए कार्ययोजना तैयार करके उन्हें रोजगार मुहैया कराया जाए। कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही पारदर्शिता का भी ध्यान रखा जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नेम सिंह, जिला विकास अधिकारी रामबाबू त्रिपाठी आदि रहे।