ओबरा-दुद्धी सीट के आरक्षण में बदलाव नहीं
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निर्वाचन आयोग ने 13 जनवरी 2014 को अधिसूचना जारी कर ओबरा (सामान्य) और दुद्धी (एससी) का आरक्षण एसटी (अनुसूचित जनजाति) के लिए प्रस्तावित कर मंजूरी के लिए विधि एवं न्याय मंत्रालय को भेज दिया था। चूंकि दोनों सीटों की परिसीमन प्रक्रिया, इससे जुड़े 2002 के अधिनियम द्वारा पूरी हो चुकी थी, इसलिए प्रस्ताव को मंजूरी के लिए संसद की सहमति और राष्ट्रपति के आदेश की जरूरत थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका और अधिसूचना के वैधता की अधिकतम समय सीमा छह माह समाप्त हो गई।
पिछले वर्ष रेणुकूट नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सिंह और कांग्रेस नेता पंकज मिश्रा की आरटीआई पर निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि दोनों सीटों का आरक्षण पूर्ववत है।
लेकिन विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से स्थिति स्पष्ट न होने से लोग ऊहापोह में रहे। गत फरवरी में पंकज ने निर्वाचन आयोग से फिर सूचना मांगी। अवर सचिव एवं केंद्रीय जनसूचना अधिकारी टीसी कॉम ने कहा कि ओबरा सीट सामान्य और दुद्धी एससी के लिए आरक्षित है। इसमें फिलवक्त परिवर्तन तभी संभव है, जब संसद कोई समर्थकारी अध्यादेश/अधिनियम पारित कर दे और राष्ट्रपति उस पर मुहर लगा दें।