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आदिवासियों और वनवासियों को हक दिलाने को भरी हूंकार
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चोपन ब्लॉक के पड़रछ गांव के धरना टोले में सोनांचल संघर्ष वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोशन लाल यादव एडवोकेट के आह्वान पर रविवार को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमरेश यादव की अध्यक्षता में जनसभा हुई। इसमें आदिवासियों व वनवासियों के हक और अधिकार को लेकर संघर्ष करने की हुंकार भरी गई।
रोशन लाल यादव ने कहा सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, भदोही, कैमूर (भभुआ), गढ़वा और सिंगरौली को मिलाकर अलग राज्य सोनांचल बनाये जाने की आवाज 1992 से उठाई जा रही है। सोसंवा ने 2010 के दशक में लखनऊ विधानसभा और नई दिल्ली जंतर मंतर पर भी बड़ा आंदोलन किया था। प्रस्तावित सोनांचल राज्य की भौगोलिक स्थिति बिल्कुल झारखंड जैसी है। सोनांचल आदिवासी बहुल और जंगल पहाड़ से घिरा इलाका है जहां अपार खनिज संपदा और बिजली, कोयला, एल्युमीनियम का बड़ा भंडार है जहां से देश और प्रदेश की सरकारों को प्रतिवर्ष हजारों करोड़ की रॉयल्टी जाती है लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी सोनांचल का आदिवासी और मूल निवासी दर्दनाक व्यथा के दौर से गुजर रहा है। संचालन चंद्रदेव चेरो ने किया। भोला यादव, रविंद्र यादव, अन्नू खान, सलमान खान, महेंद्र चेरो, राजकुमार चेरो, रामनरेश अगरिया, ईश्वर चेरो, विष्णुधारी अगरिया, राजेश चेरो, अवधेश चेरो आदि मौजूद रहे।
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रोशन लाल यादव ने कहा सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, भदोही, कैमूर (भभुआ), गढ़वा और सिंगरौली को मिलाकर अलग राज्य सोनांचल बनाये जाने की आवाज 1992 से उठाई जा रही है। सोसंवा ने 2010 के दशक में लखनऊ विधानसभा और नई दिल्ली जंतर मंतर पर भी बड़ा आंदोलन किया था। प्रस्तावित सोनांचल राज्य की भौगोलिक स्थिति बिल्कुल झारखंड जैसी है। सोनांचल आदिवासी बहुल और जंगल पहाड़ से घिरा इलाका है जहां अपार खनिज संपदा और बिजली, कोयला, एल्युमीनियम का बड़ा भंडार है जहां से देश और प्रदेश की सरकारों को प्रतिवर्ष हजारों करोड़ की रॉयल्टी जाती है लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी सोनांचल का आदिवासी और मूल निवासी दर्दनाक व्यथा के दौर से गुजर रहा है। संचालन चंद्रदेव चेरो ने किया। भोला यादव, रविंद्र यादव, अन्नू खान, सलमान खान, महेंद्र चेरो, राजकुमार चेरो, रामनरेश अगरिया, ईश्वर चेरो, विष्णुधारी अगरिया, राजेश चेरो, अवधेश चेरो आदि मौजूद रहे।
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