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मानदेय के लिए पंचायत मित्रों ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो, सोनभद्र, अमर उजाला
Updated Wed, 08 Apr 2015 10:57 PM IST
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पंचायत मित्रों ने बकाया मानदेय भुगतान की मांग को लेकर बुधवार को विकास भवन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदेश सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप मढ़ा।
चेतावनी देते हुए कहा कि शीघ्र बकाया मानदेय का भुगतान नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट पर वृहद आंदोलन को बाध्य होेंगे। इस दौरान डीएम को संबोधित मांगपत्र सीडीओ कार्यालय में सौंपा गया।
ग्राम रोजगार सेवक संघ (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विनय पांडेय की अगुवाई में पंचायत मित्र नारेबाजी करते हुए विकास भवन पहुंचे। यहां आयोजित में कहा कि रोजगार सेवकों का 12 से 20 माह तक मानदेय नहीं मिला है। पंचायत मित्रों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। रुपये अभाव में स्कूलों में बच्चों का एडमिशन नहीं हो पा रहा है। कहा कि प्रदेश सरकार रोजगार सेवकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। सूबे के मुख्यमंत्री अपने चुनावी वादों को भूल गए हैं।
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उन्होंने वर्ष 2012 में चुनावी सभा में पंचायत मित्रों को रोजगार सेवकों को नियमित करने का वादा किया था। कहा कि राजस्थान, उड़ीसा और मध्य प्रदेश में पंचायतमित्र नियमित हैं। बावजूद सरकार उन लोगों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है।
इस मौके पर गिरिश चंद्र, वेद प्रकाश, मेराज अहमद, दिवाकर चौबे, प्रशांत सिंह, प्रदीप, अशोक, रूकमणि, सत्येेंद्र पांडेय मौजूद रहे।
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चेतावनी देते हुए कहा कि शीघ्र बकाया मानदेय का भुगतान नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट पर वृहद आंदोलन को बाध्य होेंगे। इस दौरान डीएम को संबोधित मांगपत्र सीडीओ कार्यालय में सौंपा गया।
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ग्राम रोजगार सेवक संघ (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विनय पांडेय की अगुवाई में पंचायत मित्र नारेबाजी करते हुए विकास भवन पहुंचे। यहां आयोजित में कहा कि रोजगार सेवकों का 12 से 20 माह तक मानदेय नहीं मिला है। पंचायत मित्रों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। रुपये अभाव में स्कूलों में बच्चों का एडमिशन नहीं हो पा रहा है। कहा कि प्रदेश सरकार रोजगार सेवकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। सूबे के मुख्यमंत्री अपने चुनावी वादों को भूल गए हैं।
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उन्होंने वर्ष 2012 में चुनावी सभा में पंचायत मित्रों को रोजगार सेवकों को नियमित करने का वादा किया था। कहा कि राजस्थान, उड़ीसा और मध्य प्रदेश में पंचायतमित्र नियमित हैं। बावजूद सरकार उन लोगों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है।
इस मौके पर गिरिश चंद्र, वेद प्रकाश, मेराज अहमद, दिवाकर चौबे, प्रशांत सिंह, प्रदीप, अशोक, रूकमणि, सत्येेंद्र पांडेय मौजूद रहे।