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किसानों की फसल को बर्बाद कर रहे छुट्टा पशु

Thu, 07 Jan 2021 07:26 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jan 2021 07:26 PM IST
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Holiday animals ruining farmers' crops
सोनभद्र। ग्रामीण क्षेत्रों में छुट्टा पशु किसानों की चिंता की वजह बन गए हैं। खेतों में फसलें बोई जा चुकी हैं और अभी से पशु उसे चरने लगे हैं। हर साल कई एकड़ फसल छुट्टा पशु बर्बाद कर देते हैं। हाल के दिनों में यह समस्या अधिक बढ़ी है। नील गायों का आतंक तो किसानों के लिए पहले से ही परेशानी का बड़ा सबब रहा है। छुट्टा पशुओं को रखने के लिए शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में गोवंश आश्रय स्थल खुले हैं। बावजूद इसके छुट्टा पशु घुम रहे हैं।
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जिले में कुल 18 गोवंश आश्रय स्थल खुले हैं। इसमें चोपन ब्लॉक के ग्राम पंचायत चोपन और घोरावल ब्लॉक के केवली मय देवली गांव में स्थायी एवं नगर पालिका परिषद सोनभद्र सहित कुल 16 स्थानों पर अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल संचालित हो रहे है। आश्रय स्थल इस उद्देश्य से खुले हैं कि छुट्टा पशुओं को वहां रखा जाए और किसानों को होने वाली क्षति को रोका जा सके। बावजूद इसके राबर्ट्र्सगंज नगर, नवीन सब्जी मंडी परिसर के अलावा ग्रामीण इलाकों में छुट्टा पशुओं को घुमते हुए देखा जा सकता है। छुट्टा पशु न सिर्फ किसानों की फसल बर्बाद कर रहे हैं बल्कि उनके हमले से लोग घायल भी हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनकी खेत में खड़ी गाढ़ी कमाई छुट्टा पशु बर्बाद कर रहे हैं। पशु खेत में खड़ी पौध व फसल को अपना आहार बना रहे हैं। इससे किसानों के मुंह का निवाला छिन रहा है।
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प्रतिक्रिया-
1-नवीन सब्जी मंडी परिसर स्थित धान क्रय केंद्र पर वे धान लेकर आए है। साधन न होने से बोरे में भरा धान जमीन पर रखे हैं। छुट्टा पशु उनका करीब दस बोरा धान खराब कर दिए।- शिवकुमार सिंह, खैरा-घोरावल।
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2-छुट्टा पशु हमारी फसलों के लिए बड़ा संकट बनकर खड़ा हैं। खेत में बोई गई फसल को शुरू में ही चर जाते हैं तो इनका हमला बची फसलों के खड़ा होने के बाद भी नहीं रुकता। -दीपक पटेल, मरकरी-राबर्ट्र्सगंज।
3-पौध भूमि से पूरी तरह निकल कर बाहर आती नहीं कि छुट्टा पशुओं का हमला शुरू हो जाता है। ठीक से नर्सरी तक तैयार नहीं हो पाती है। छुट्टा पशुओं को पकड़ कर आश्रय स्थलों में रखने के लिए प्रशासन को अभियान चलाना चाहिए। -फूल सिंह, मानपुर-राबर्ट्सगंज।

4- छुट्टा पशुओं के साथ नील गायें फसलों को चौपट कर रही हैं। लेकिन हम कुछ नहीं कर सकते। छुट्टा पशुओं द्वारा बर्बाद की जा रही हमारी फसलों को लेकर न कोई कानून है और न ही कोई रोक।-अवधेश कुमार, दीवां-घोरावल।
कोट:
नगर में घुम रहे छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। पशु पालक यदि पशु छोड़ते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रदीप गिरि, ईओ, नगर पालिका परिषद राबर्ट्र्सगंज।
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