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पहाड़ी नदियों में उफान से कई गांव संकट में
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Sat, 16 Jul 2016 11:23 PM IST
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कोन क्षेत्र के पिपरखाड़ में शनिवार को बाढ़ के पानी को देखते लोग। अमर उजाला
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जिलेे के कुछ इलाकों में में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने तबाही मचानी शुरू करा दी है। पहाड़ी नदियों में आए उफान ने आसपास के गांवों को अपनी जद में ले लिया है। कई लोगों के कच्चे घर पानी की सीलन के चलते धराशायी हो गए हैं। सर्वाधिक नुकसान दक्षिणांचल में हुआ है। इस क्षेत्र में कई बंधियां, छोटे पुल और चेकडैम टूटने के साथ बह भी गए हैं। पिपरखांड ग्राम पंचायत में करीब 24 घंटे बाद भी आवागमन बहाल नहीं हो सका है। शुक्रवार को निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम के निर्देश का भी कोई असर नहीं हुआ।
चोपन ब्लाक के कचनरवा, पिपरखाड़, कूूड़वा, केवाल, सतदुआरी आदि गांवों में क्षेत्रीय नदियों और बंधियों का पानी आ गया है। इससे करीब दर्जन भर लोगों के कच्चे मकान धराशायी हुए हैं। सलैयाडीह के रंजीत, चांचीकला अजय कुमार, पिपरखांड़ के धूरू, कमलेश चौबे, उमेश विश्वकर्मा समेत कई अन्य का मकान गिर गया है। ग्राम प्रधान ने क्षेत्रीय लेखपालों के जरिए इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी है लेकिन अब तक इन प्रभावित लोगों की प्रशासन मदद नहीं कर सका है।
इतना ही नहीं पिपरखाड़ आदि क्षेत्रों में आवागमन बहाल न होने से लोगों में असंतोष है। कोनः शुक्रवार की हुई बारिश से क्षेत्र में न्याय पंचायत कचनरवा के दुम्हान नदी पर बना पुल बह गया। इसी नदी पर ग्राम पिपरखाड़ में भी बारिश का पानी पुल को बहा ले गया। इससे पिपरखाड़, केवाल, सतदुआरी, भालूकूदर समेत कई गांवों का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इस गांव को जोड़ने के लिए दुखनिया नाला पर पानी से मिट्टी कट चुकी थी, जिसे ग्राम प्रधान विजय कुमार तिवारी ने अस्थायी रास्ते को ठीक कराकर आवागमन शुरू करा दिया है। क्षेत्र के राकेश तिवारी, सुरेंद्र तिवारी, बचरू राम, रामकुमार आदि ने क्षतिग्रस्त हुए सड़क, पुल, रपटा आदि की मरम्मत की मांग की है।
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चोपन ब्लाक के कचनरवा, पिपरखाड़, कूूड़वा, केवाल, सतदुआरी आदि गांवों में क्षेत्रीय नदियों और बंधियों का पानी आ गया है। इससे करीब दर्जन भर लोगों के कच्चे मकान धराशायी हुए हैं। सलैयाडीह के रंजीत, चांचीकला अजय कुमार, पिपरखांड़ के धूरू, कमलेश चौबे, उमेश विश्वकर्मा समेत कई अन्य का मकान गिर गया है। ग्राम प्रधान ने क्षेत्रीय लेखपालों के जरिए इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी है लेकिन अब तक इन प्रभावित लोगों की प्रशासन मदद नहीं कर सका है।
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इतना ही नहीं पिपरखाड़ आदि क्षेत्रों में आवागमन बहाल न होने से लोगों में असंतोष है। कोनः शुक्रवार की हुई बारिश से क्षेत्र में न्याय पंचायत कचनरवा के दुम्हान नदी पर बना पुल बह गया। इसी नदी पर ग्राम पिपरखाड़ में भी बारिश का पानी पुल को बहा ले गया। इससे पिपरखाड़, केवाल, सतदुआरी, भालूकूदर समेत कई गांवों का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इस गांव को जोड़ने के लिए दुखनिया नाला पर पानी से मिट्टी कट चुकी थी, जिसे ग्राम प्रधान विजय कुमार तिवारी ने अस्थायी रास्ते को ठीक कराकर आवागमन शुरू करा दिया है। क्षेत्र के राकेश तिवारी, सुरेंद्र तिवारी, बचरू राम, रामकुमार आदि ने क्षतिग्रस्त हुए सड़क, पुल, रपटा आदि की मरम्मत की मांग की है।
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