सोनभद्र: जिला जेल में बनेगी हाई सिक्योरिटी बैरक, यहां बंद हैं नक्सली कमांडर समेत कई कुख्यात अपराधी
2016 में गुरमा में जिला कारागार बनने के बाद से यहां तमाम कुख्यात नक्सली कमांडर, हाई प्रोफाइल अपराधी बंद किए जाते रहे। मगर अब तक ऐसे बंदियों के लिए हाई सिक्योरिटी बैरक का निर्माण नहीं हो सका था। अब 12 सेल वाला हाई सिक्योरिटी बैरक का निर्माण कराया जाएगा।
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सोनभद्र के जिला कारागार गुरमा में हाई सिक्योरिटी बैरक का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए शासन ने एक करोड़ 65 लाख रुपये स्वीकृत कर दिया है। शासन स्तर से कार्यदाई संस्था नामित करते बैरक निर्माण के लिए जेल परिसर में भूमि का चिह्नांकन कर लिया गया है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
गुरमा क्षेत्र में कभी संपूर्णानंद खुला बंदी शिविर संचालित होता था। वर्ष 2016 में इसी शिविर में जिला कारागार का संचालन शुरू हुआ। इसके पूर्व बंदियों, कैदियों को मिर्जापुर जिला कारागार भेजा जाता था। 2016 में गुरमा में जिला कारागार बनने के बाद से यहां तमाम कुख्यात नक्सली कमांडर, हाई प्रोफाइल अपराधी बंद किए जाते रहे। मगर हाई सिक्योरिटी बैरक का निर्माण नहीं हो सका था।
हाई सिक्योरिटी बैरक में 12 सेल
इसको ध्यान में रखते हुए हाईप्रोफाइल अपराधियों के लिए जिला कारागार गुरमा में 12 सेल वाला हाई सिक्योरिटी बैरक का निर्माण कराया जाएगा। जेल अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि हाई सिक्योरिटी बैरक निर्माण के लिए शासन ने एक करोड़ 65 लाख रुपये स्वीकृत किया है। साथ ही यूपीपीसीएल को कार्यदायी संस्था नामित किया है।
बैरक की लंबाई-चौड़ाई भी तय कर दी गई है। निर्माण के बाद प्रत्येक बैरक में सीसीटीवी कैमरा लगेगा। एक-एक सिपाही तैनात होंगे। उसमें आने जाने वालों पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी। कार्यदाई संस्था की तरफ से हाल ही में जमीन का चिंह्नाकन किया गया है। जल्द ही बैरक का निर्माण कार्य शुरू होगा।