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106 गांवों के विस्थापितों को मालिकाना हक मिलने की जगी आस

Sun, 11 Oct 2020 10:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2020 10:33 PM IST
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he hope of getting ownership rights for the displaced people of 106 villages
सोनभद्र। पांच दशक के बाद रिहंद बांध सिविल खंड पिपरी-तुर्रा से जुड़े 106 गांवों के विस्थापितों में भूमि का मालिकाना हक मिलने मिलने की उम्मीद जगी है। इसके लिए सांसद पकौड़ी लाल कोल ने प्रशासन को पत्र भेजा था। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम के स्तर से विस्थापितों को भूमि का मालिकाना हक देने का प्रस्ताव शासन को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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बता दें कि सन 1960 के करीब बने रिहंद जलाशय से 106 गांवों के लोग विस्थापित हुए थे। सरकार ने विस्थापितों को दुद्धी, म्योरपुर, बभनी, अनपरा, शक्तिनगर, डाला चोपन आदि के गांवों में भूमि देकर बसाया था। 54 वर्ष बाद भी वह भूमि गर्वनमेंट ग्रांट एक्ट की भूमि खतौनी में दर्ज है। इसके चलते लोग खेती की उपज अनाज को सरकार के क्रय केंद्रों को नहीं बेच पाते हैं। जिले के विभिन्न गांवों में मुआवजा के रूप में मिली भूमि गर्वनमेंट ग्रांट एक्ट की भूमि को भूमिधर भूमि दर्ज कराने के लिए ग्रामीणों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। यह मामला संज्ञान में आने पर सांसद पकौड़ी लाल कोल ने विस्थापितों को मालिकाना हक दिलाने के लिए पत्र लिखा। सांसद ने विस्थापितों को मुआवजे के रूप में मिली उनकी जमीनों पर उनका मालिकाना हक न मिलने से होने वाली समस्याओं को भी पत्र के माध्यम से अवगत कराया है। सांसद का कहना है संबंधित भूमि गर्वनमेंट ग्रांट एक्ट की भूमि दर्ज होने के कारण संबंधित विस्थापित खतौनी पर खेती के लिए बैंक से कर्ज, किसान दुर्घटना बीमा एवं किसी की जमानत नहीं करा पाते हैं। सरकार की योजनाओं का भी लाभ नही ले पाते हैं। सांसद ने विस्थापितों को मुआवजा के रूप में मिली गर्वनमेंट ग्रान्ट एक्ट भूमि को संक्रमणीय भूमिधर भूमि दर्ज कराने के लिए डीएम को पत्र लिखा है ताकि विस्थापित परिवारों को लाभ मिल सके। उधर, सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर विस्थापितों को मालिकाना हक दिलाने की मांग करेंगे।
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विस्थापितों को मुआवजा के रूप में मिली जमीन का मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रस्ताव तैयार करा कर शासन को भेजा जाएगा। शासन के दिशा-निर्देश पर आगे की कार्यवाही कराई जाएगी।-एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी।
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रिंहद बांध से जुड़े 106 गांवों के विस्थापितों को मुआवजा के रूप में मिली जमीन पर मालिकाना हक नहीं मिल सका है। इस नाते वे परेशान हैं। शासन स्तर से मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रयास करेंगे।-पकौड़ी लाल कोल, सांसद।
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