सोनभद्र। पिछले 24 घंटे में हुई मूसलाधार बारिश आम जनजीवन के लिए आफत बन गई है। पूरी रात हुई बारिश से जहां सड़कों, रहवासी इलाकों में पानी भर गया। वहीं कई जगह कच्चे मकान ढहने से परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। मंगलवार को दिन में भी रुक-रुककर रिमझिम बारिश का क्रम बना रहा। प्रभावित परिवार अपने सामान सहेजने में जुटे रहे। बारिश से रॉबर्ट्सगंज नगर के धर्मशाला चौराहा, मेन चौक, उत्तर मोहाल, विकासनगर, सर्विस लेन सहित कई जगहों पर पानी लग गया। सुबह घरों से बाहर निकलने में काफी परेशानी हुई। पहाड़ों का पानी आने से नदी-नाले भी उफान पर हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र में कई संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। बांध-बंधियां भी लबालब होने की ओर हैं। उधर, रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक क्षेत्र के छपका गांव में सोमवार रात बारिश के दौरान बुडूक कोल का कच्चा मकान गिर गया। गनीमत रही कि मकान गिरने के समय कोई व्यक्ति अंदर नहीं था। मलबे में दबने से घर में रखा अनाज, खाद्य सामग्री, कपड़े और अन्य घरेलू सामान नष्ट हो गया। आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार की मदद की। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी लेखपाल को देते हुए मदद की गुहार लगाई है। ओबरा में सोमवार की शाम हुई तेज बारिश के कारण नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड 18 राजकुमारी नगर में अयप्पा मंदिर से सटी कॉलोनी पूरी तरह जलमग्न हो गई। बरसात का पानी लोगों के घरों में घुस गया, जिससे रहवासियों को खासी मुसीबत का सामना करना पड़ा। बाद में नगर पंचायत से पंपिंग सेट लेकर पहुंचे कर्मियों ने घंटे भर की मशक्कत के बाद पानी निकाला। रहवासी विजय सिंह, दिनेश सिंह, प्रभात बर्मन, वीरेंद्र सिंह, घनश्याम सिंह आदि ने बताया जल निकासी की व्यवस्था सही नहीं होने एवं नालियों पर अतिक्रमण होने के कारण बरसात का पानी अक्सर घरों के अंदर तक पहुंच जा रहा है। इससे लोगों फजीहत झेलनी पड़ रही है। इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है। इसके बाद भी इस समस्या के निजात के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। भारी बारिश के चलते सोन नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। मंगलवार को नदी का जलस्तर 168.40 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 171 मीटर से महज 2.60 मीटर नीचे है। रिहंद की पन बिजली इकाइयां चालू होने और मप्र से भी नदी में तेजी से पानी आने के चलते जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके मद्देनजर प्रशासन अलर्ट है।